5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ahmedabad: शहर की सभी स्कूलों को अनुशासन समिति का गठन करना अनिवार्य

Ahmedabad. शहर के घाटलोडिया क्षेत्र में नेशनल स्कूल के बाहर 10वीं कक्षा के छात्रों पर चाकू, पाइप से हुए जानलेवा हमले की घटना को राज्य सरकार एवं शहर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। इस घटना से सीख लेते हुए शहर जिला शिक्षा अधिकारी आर.एम.चौधरी ने शहर के सभी प्राइमरी, माध्यमिक एवं […]

2 min read
Google source verification
Ahmedabad city DEO

Ahmedabad. शहर के घाटलोडिया क्षेत्र में नेशनल स्कूल के बाहर 10वीं कक्षा के छात्रों पर चाकू, पाइप से हुए जानलेवा हमले की घटना को राज्य सरकार एवं शहर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने गंभीरता से लिया है।

इस घटना से सीख लेते हुए शहर जिला शिक्षा अधिकारी आर.एम.चौधरी ने शहर के सभी प्राइमरी, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूल के संचालकों और प्रधानाचार्यों को बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्देश जारी किए हैं।

स्कूल सुरक्षा नीति 2016 के तहत जारी परिपत्र में हर स्कूल में अनुशासन समिति को अनिवार्य रूप से गठित करने का निर्देश दिया गया है। इस समिति में प्रधानाचार्य (प्राचार्य), शिक्षकों के साथ विद्यार्थी प्रतिनिधि को भी शामिल करना होगा। प्राचार्य को समय-समय पर इसकी बैठक करनी होगी। ऐसा होने पर बड़ी घटनाओं को टाला जा सकेगा।

यह समिति स्कूल में पढ़ने आते समय और पढ़ाई के बाद स्कूल से बाहर जाते समय स्कूल के अंदर व स्कूल के आसपास विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा को नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकारने का सुझाव भी दिया गया है। स्टाफ को भी यह जिम्मेदारी निभाने को कहा है।

स्कूल में बच्चों के व्यवहार पर भी रखें नजर

शहर डीइओ की ओर से स्कूलों को जारी परिपत्र में कहा है कि स्कूल में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चे के स्कूल में रहने के दौरान, पढ़ते समय, खाना खाते समय, खेलते समय उसकी हर गतिविधि पर नजर रखें। कक्षा में, साथियों के साथ उसके व्यवहार पर निगरानी रखते हुए उसकी समीक्षा करें। यदि किसी विद्यार्थी के व्यवहार में बदलाव दिखता है, तो उसकी मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग करें। बच्चों से उसका मित्र बनकर उसका विश्वास जीतें। शिक्षकों को उनकी कक्षा के बच्चों का मनोवैज्ञानिक निरीक्षण करने को कहा गया है।

स्कूलों को शिक्षा के केन्द्र के साथ सुरक्षित स्थल बनाएं

डीइओ ने परिपत्र में कहा है कि स्कूल को शिक्षा केन्द्र के साथ बच्चों के लिए सुरक्षित स्थल बनाने की दिशा में कार्य करें। बच्चों को स्कूलों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है। कोई अनिच्छनीय घटना होती है, तो तत्काल डीइओ कार्यालय को इसकी सूचना देने को कहा है।