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बांदकपुर कॉरिडोर के लिए १०० करोड़ की बनाई गई है कार्ययोजना, जल्द होगा काम शुरू

-विजन डॉक्यूमेंट को लेकर कलेक्ट्रेट में हुई मैराथन बैठक -जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों के विधायक-मंत्री हुए शामिल। -१५ जुलाई तक शासन को भेजेंगे विजन डॉक्यूमेंट की रिपोर्ट

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दमोह

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Aakash Tiwari

Jun 27, 2024

-विजन डॉक्यूमेंट को लेकर कलेक्ट्रेट में हुई मैराथन बैठक
-जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों के विधायक-मंत्री हुए शामिल।
-१५ जुलाई तक शासन को भेजेंगे विजन डॉक्यूमेंट की रिपोर्ट
दमोह. जिले की चार विधानसभा जबेरा, दमोह, पथरिया और हटा में विकास के संबंध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट में एक मैराथन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पशुपालन मंत्री लखन पटेल, दमोह विधायक जयंत मलैया और हटा विधायक उमादेवी खटीक मुख्य रूप से मौजूद थी। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने की। बैठक में एसपी श्रृतकीर्ति सोमवंशी सहित अधिकारी मौजूद थे।
बता दें कि मोहन सरकार ने हर विधानसभा का रोड मेप बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए हर विधायक को जिम्मेदारी दी गई है कि अपने यहां का रोड मेप बनाकर लाए और शासन के साथ इसको समाहित करें। इसी कड़ी में बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने मौजूद लोगों से विधानसभा वार विकास संबंधी सुझाव मांगे। बैठक सुबह ११ बजे शुरू हुई थी।
-व्यारमा नदी का प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है: मंत्री पटेल
राज्य मंत्री पटेल ने कहा सिंचाई के संबंध में बहुत सारे सुझाव है और भी बिंदुओं पर सुझाव आए हैं। उन पर अधिकारियों से बात की गई है। उसको डॉक्यूमेंट में जोडऩे का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा हर विकासखंड में मिट्टी परीक्षण की बिल्डिंग बनी हुई है, जिन बेरोजगार युवाओं को कोई काम मिलेगा। उन्होंने कहा व्यारमा नदी का प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है। लगभग उसमें 2 लाख हेक्टेयर की सिंचाई होगी। उसको जोड़ देंगे तो हमारा पूरा जिला जो बचा हुआ है, क्योंकि हमें कुछ पानी केन बेतवा से मिल रहा है और हमारी जो पांच परियोजनाएं हैं उनमें भी लगभग 175000 एकड़ की सिंचाई उससे भी होगी।
-१०० करोड़ की परियोजना बनाई है: मंत्री लोधी
पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा दमोह पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में बहुत समृद्ध शाली जिला है। इसके लिए बांदकपुर कॉरिडोर से शुरू कर रहे हैं। 100 करोड़ की परियोजना कॉरिडोर के लिए बनाई गई है। उस पर जल्दी ही काम शुरू होगा। विजन डॉक्यूमेंट बनाकर हम यहां से कलेक्टर के माध्यम से भेजेंगे और उस विजन डॉक्यूमेंट को लेकर मंत्रिमंडल के माध्यम से कैबिनेट में योजना बनाकर उस विजन डॉक्यूमेंट पर काम किया जाएगा। सारे विभागों को लेकर आज विजन डॉक्यूमेंट को लेकर चर्चा हुई और जिले के सभी बुद्धिजीवियों को भी बुलाया गया, जिसमें उन्होंने अपनी-अपनी राय दी है।
-५ नदियों को जोडऩे का है प्लान: डॉ. कुसमरिया
पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा जिले में 5 नदिया बेबस, सुनार, कोपरा और व्यारमा जिले से निकली हैं। यदि इन पांचो नदियों को जोड़ दिया जाता है तो दमोह जिले में कभी पानी की कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा किया जाए, मुख्यमंत्री जी से चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कुम्हारी क्षेत्र में 10 तालाब बहुत अच्छे बने है। सिंचाई के लिए नहरे बनाए ताकि खेतों में पानी जा सके। उन्होंने कहा दिव्यांगो के उपकरणों के सुधार का काम बहुत पहले किया गया था।
-१५ जुलाई तक बनाना है डॉक्यूमेंट
पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने कहा दमोह जिले के हर विधानसभा में एक-एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए अलग-अलग वर्गों के लोगों को बुलाया गया। सभी ने हर विभाग के बारे में जो उनके विचार थे। उन विचारों को व्यक्त किया। सभी को कलेक्टर ने आमंत्रित किया है और इसके बाद 15 जुलाई तक विजन डॉक्युमेंट बनाने की बात कही गई है।

बैठक में जो सुझाव है, उसमें प्रमुख इस प्रकार से हैं
-दमोह को पर्यटन के नक्शे में लाया जाए।
-सिंगल क्लिक पर सारी जानकारी वेबसाइट पर मिल जाए।
-बकायन में आयोजित होने वाले महोत्सव को संस्कृत विभाग के कैलेंडर में शामिल किए जाने की बात रखी गई।
-जबलपुर, दमोह, ओरछा मार्ग का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है। शीघ्र शुरू कराया जाए, जो भी बाधा है दूर कराई जाए।
-धार्मिक स्थल कुंडलपुर, बांदकपुर, नोहलेश्वर आदि के लिये सड़क उच्चस्तरीय बनवाई जाए, जिसमें सभी तरह के वाहनों का आवागमन सुगम रहे।
-जिले को एयर कनेक्टिविटी से जोड़े जाने की बात प्रमुखता से रखी गई। इस अवसर पर कहा गया कि दमोह जिले के तीर्थ क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए। साथ ही दमोह को जबलपुर से पुणे की फ्लाइट शुरू कराई जाए।
-नोहटा में बिजली पोल बनाने की फैक्ट्री को पुन: शुरू करने की बात रखी गई।
-जिले में सांची पार्लर अधिक संख्या में खोले जाएं, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।

इन बिंदुओं पर हुई चर्चा

-बैठक के दौरान एक जिला एक उत्पाद की चर्चा की गई। कहा गया कि यहां की जो चना दाल है, एक जिला एक उत्पाद में शामिल है। अच्छी क्वालिटी की है। इसकी बिहार यूपी आदि में अच्छी डिमांड भी है।

-स्कूली शिक्षा तकनीकी, शिक्षा उच्च शिक्षा और मेडिकल शिक्षा पर भी चर्चा की गई। दमोह में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में चर्चा कर सुझाव दिए गए कि स्वास्थ्य सुविधाओं में विशेष रूप से हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरो के डीएम डॉक्टर की पदस्थापना यहां पर कराई जाए। साथ ही एमआरआई की स्थापना पर जोर दिया गया।

-पॉलिटेक्निक कॉलेज दमोह को पॉलिटेक्निक कॉलेज ही रखा जाए। इंजीनियरिंग कॉलेज नई जगह पर बनाया जाए। दमोह में लॉ कोर्स शुरू करने के बाद भी रखी गई।

किसान कल्याण व कृषि विकास के मछली पालन के संबंध में भी अपनी बात रखी गई। मछली पालन और कृषि सिंचाई के बारे में विचार रखे गए। यहां पर नहर का सुधार के साथ बलराम तालाब योजना को पुन: शुरू करने की बात रखी गई।

जटाशंकर, भीमकुंड, बांदकपुर, कुंडलपुर, सिंग्रामपुर को लिंक मार्ग विकसित करने और चोरैया गुफा, बंशीपुर का विकास, बरी कनोरा को अतिक्रमण मुक्त करने आदि विषयों पर भी सुझाव रखे गए।