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आर्थिक सहायता का आश्वासन, तीनों शवों का हुआ

नेशनल हाइवे 62 पर 28 चक स्थित सैन्य छावनी गेट के पास सडक़ हादसे में मरे तीन जनों के मामले में परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शवों का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार करते हुए आर्थिक सहायता की मांग की

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आर्थिक सहायता का आश्वासन, शवों का हुआ पोस्टमार्टम

सूरतगढ़. सीएचसी की मोर्चरी के बाहर एकत्रित ग्रामीण, जनप्रतिनिधि व पुलिस।

सूरतगढ. सदर पुलिस थाना क्षेत्र के नेशनल हाइवे 62 पर 28 चक स्थित सैन्य छावनी गेट के पास सडक़ हादसे में मरे तीन जनों के मामले में परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बुधवार सुबह शवों का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार करते हुए आर्थिक सहायता की मांग की। दोपहर तहसीलदार हाबुलाल मीणा मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों से राज्य सरकार से हर संभव सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शवों का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमत हुए। इसके बाद पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपे।
सदर थाना क्षेत्र 28 चक स्थित सैन्य छावनी गेट के पास सैन्य ट्रक की टक्कर से तीन जनों की मौत हो गई थी। रात्रि को शव को सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया। बुधवार सुबह मोर्चरी के बाहर मृतक परिजन, पूर्व विधायक राजेन्द्र भादू, कांग्रेस नेता ओम गेदर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व उपप्रधान कृष्ण गोदारा, अरूण गोदारा, गोपीराम, रेशम सिंह, गुरदेव सिंह, प्रीतम सिंह, बलराम वर्मा,रामचंद्र मेहरड़ा आदि पहुंचे। परिजनों व रिश्तेदारों का कहना था कि मृतक दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। इस मामले में मृतक के आश्रितों को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि जबतक आर्थिक सहायता नहीं मिलती तबतक शवों का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा। सदर थानाधिकारी कृष्ण कुमार ने उनके साथ समझाइश की। इसके बाद सदर थानाधिकारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सैन्य छावनी में स्थित सैन्य अधिकारियों से मिलने गया। इसके बाद वापस आकर कुछ ग्रामीणों ने आर्थिक सहायता नहीं मिलने तक मानकसर स्थित हाइवे जाम करने की भी सलाह दी। लेकिन अन्य ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने समझाइश की। इसके बाद तहसीलदार हाबुलाल मीणा भी मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने इस मामले में रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित कर मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शवों का पोस्टमार्टम करवाने को तैयार हुए। सदर पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपे। इसके बाद मृतकों का परिजनों ने गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया

मृतक के भाई ने करवाया मुकदमा दर्ज

सदर पुलिस ने बताया कि 5 एसएचपीडी निवासी मंगत सिंह ने रिपोर्ट दी कि मंगलवार रात्रि करीब नौ बजे वह, हरबंश सिंह सूरतगढ़ से अपने गांव 5 एसएचपीडी बाइक पर जा रहे थे। उनके आगे गुरदयाल सिंह और उसका भाई अंग्रेज सिंह भी मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे थे। मोटरसाइकिल गुरदयाल सिंह चला रहा था व अपनी साइड में धीमी गति से चला रहा था। जैसे ही बाइक मिलिट्री स्टेशन के सामने रैना मार्ग के आगे नेशनल हाइवे 62 से गुजर रहा था तभी श्रीगंगानगर की तरफ से आ रहा मिलिट्री ट्रक के चालक ने तेजी व लापरवाही से ट्रक को नेशनल हाइवे से रैना मार्ग मिलिट्री स्टेशन की तरफ मोड दिया। जिससे बाइक सवार गुरदयाल सिंह,अंग्रेज सिंह ट्रक की चपेट में आ गए व रास्ते में बस स्टॉप की ओर बढ़ते जोगेन्द्र व राजविन्द्र सिंह भी चपेट में आ गए। इसके बाद घायलों को तुरन्त मिलिट्री हॉस्पिटल ले गए। यहां चिकित्सकों ने घायल गुरदयाल सिंह पुत्र बलवंत सिंह, अंग्रेज सिंह, जोगेन्द्र सिंह को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल राजविन्द्र सिंह को रेफर कर दिया। जिसे ट्रोमा सेंटर लाया गया। जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीकानेर रेफर कर दिया। परिजन उसे एपेक्स हॉस्पिटल ले गए। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

दिहाड़ी मजदूरी करते थे तीनों मृतक

ग्रामीणों के अनुसार 5 एसएचपीडी निवासी अंग्रेज सिंह (35)पुत्र पहलवान सिंह, गुरदयाल सिंह (20) पुत्र बलवंत सिंह व चार एसएचपीडी निवासी जोगेंद्र सिंह (45) पुत्र मालासिंह दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते थे। मृतक जोगेन्द्र सिंह का एक पुत्र, गुरदयाल का एक पुत्र व एक पुत्री व अंग्रेज सिंह का एक पुत्र व एक पुत्री है। तीनों शवों का उनके पैतृक गांवों में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

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