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बांग्लादेश के इस हिन्दू नेता को मिली ज़मानत, लेकिन रिहाई से पहले ही हत्या के 4 मामलों में गिरफ़्तार दिखाया

Chinmoy Krishna Das Arrest: बांग्लादेश में हिन्दू धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास को जमानत के बावजूद चटगांव कोर्ट ने हत्या के मामलों में फिर से गिरफ्तार दिखाया।

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भारत

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MI Zahir

May 05, 2025

Hindu Leader Chinmoy Krishnadas

Hindu Leader Chinmoy Krishnadas

Chinmoy Krishna Das Arrest: बांग्लादेश में हिन्दू धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास (Chinmoy Krishna Das) को हाईकोर्ट (Bangladesh High Court) से देशद्रोह मामले (Sedition Case) में जमानत मिल गई थी, लेकिन उनकी रिहाई से ठीक पहले चटगांव की एक अदालत ने उन्हें वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या से जुड़े चार मामलों में फिर से गिरफ्तार (Hindu Leader Arrest) दिखा दिया। यह घटनाक्रम बांग्लादेश की न्याय प्रणाली और अल्पसंख्यकों के प्रति रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था

चिन्मय दास बांग्लादेश सनातनी जागरण जोटे के प्रवक्ता और पूर्व इस्कॅान ISKCON नेता भी हैं, उन्हें नवंबर 2024 में ढाका एयरपोर्ट से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उन्होंने कथित रूप से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया, हालांकि उनके वकीलों ने अदालत में स्पष्ट किया कि इस आरोप से संबंधित उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं है और न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी।

वकील सैफुल इस्लाम की हत्या से जुड़े मामलों में गिरफ्तार दिखा दिया

इधर जैसे ही जमानत आदेश जारी हुआ, बांग्लादेश सरकार ने यह आदेश स्थगित करवाने की कोशिश की और फिर चटगांव कोर्ट में अचानक उन्हें वकील सैफुल इस्लाम की हत्या से जुड़े मामलों में गिरफ्तार दिखा दिया गया। यह वही हत्या है जो चिन्मय दास की रिहाई की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुई थी।

यह गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव और धार्मिक भेदभाव का परिणाम

वकीलों का कहना है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव और धार्मिक भेदभाव का परिणाम है। चिन्मय के वकील अपूर्वकुमार भट्टाचार्य ने एएनआई से कहा, "हाईकोर्ट ने सभी दस्तावेज़ देख कर चिन्मय कृष्ण दास कोजमानत दी थी, लेकिन सरकार उन्हें रिहा नहीं होने देना चाहती।" उन्होंने बताया कि चटगांव कोर्ट में एकतरफा सुनवाई की गई, क्योंकि चिन्मय के वकील पेश नहीं हो सके।

सरकार की ओर से लगातार रुकावटें आ रही हैं

वर्तमान में चिन्मय कृष्ण दास चटगांव केंद्रीय जेल में हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आदेश पहुंचने के एक हफ्ते के भीतर उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, हालांकि सरकार की ओर से लगातार रुकावटें आ रही हैं।

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