कार्ययोजना तैयार: सुधार कार्यों से प्रमाणन बहाल, मॉडल बनाने की कवायद विशाखापट्टनम. सुनहरी रेत, साफ पानी और एक शांत वातावरण के लिए ख्यात विशाखापट्टनम के रुशिकोंडा बीच ने अपना प्रतिष्ठित ‘ब्लू फ्लैग’ प्रमाणन फिर से हासिल कर लिया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए इसका मतलब है कि यह ’तटीय रत्न’ भारत में शीर्ष-स्तरीय […]
कार्ययोजना तैयार: सुधार कार्यों से प्रमाणन बहाल, मॉडल बनाने की कवायद
विशाखापट्टनम. सुनहरी रेत, साफ पानी और एक शांत वातावरण के लिए ख्यात विशाखापट्टनम के रुशिकोंडा बीच ने अपना प्रतिष्ठित ‘ब्लू फ्लैग’ प्रमाणन फिर से हासिल कर लिया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए इसका मतलब है कि यह ’तटीय रत्न’ भारत में शीर्ष-स्तरीय समुद्र तटों के रूप में अपना दर्जा पुन: प्राप्त करने के लिए तैयार है। ’ब्लू फ्लैग’ केवल एक सुंदर बैनर नहीं है - यह उन समुद्र तटों के लिए स्वीकृति की वैश्विक मुहर है जो स्व‘छता, सुरक्षा और पर्यावरण देखभाल में सख्त मानकों को पूरा करते हैं।
रुशिकोंडा के लिए ब्लू फ्लैग प्रमाणन की वापसी इस बात का संकेत है कि यह उन सभी बाधाओं से उबर चुका है, जिनके कारण बीते वर्ष इसे अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। अधिकारियों ने समुद्र तट की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शामिल हैं - आगंतुकों के लिए बेहतर सुरक्षा, लोगों के मार्गदर्शन के लिए बेहतर संकेतक, और ट्रैफिक संभालने के बेहतर तरीके।
क्या है ब्लू फ्लैग प्रमाणन
फाउंडेशन फॉर इन्वायरनमेंटल एजुकेशन के पर्यावरणीय, शैक्षिक, सुरक्षा व पर्यटन की ²ष्टि से सुलभता संबंधी मानदंड पूरा करने वाले तटों और सस्टेनेबल नाव पर्यटन संचालकों को यह इको-लेबल दिया जाता है।
बीते वर्ष जून में हुआ था निलंबित
फाउंडेशन फॉर इन्वायरनमेंटल एजुकेशन (एफईई) वैश्विक ब्लू फ्लैग कार्यक्रम की देखरेख करता है। 29 जून, 2024 को ब्लू फ्लैग इंडिया के प्रतिनिधियों ने अत्यधिक यातायात, आगंतुक प्रबंधन, पार्किंग, सुरक्षा व आवारा कुत्तों पर नियंत्रण से संबंधित मुद्दों को लेकर ङ्क्षचता जताई थी और प्रमाणन को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया था।