
नवरात्रि ( navratri 2019 ) में मां दुर्गा के नौं रुपों की आराधना और व्रत उपवास किये जाते हैं। इस दौरान मां की भक्ति में सभी भक्त लीन रहते हैं और मां को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
मां अम्बे की पूजा-आरती व दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है। कहा जाता है कि नवरात्रि के समय दुर्गा शप्तशती का पाठ करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। मां का आशीर्वाद भी मिलता है, लेकिन यदि आप दुर्गा सप्तशति का पाठ करते हैं तो इसमें आपको कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरुरी है। आइए जानते हैं किन बातों का ध्यान रखें....
नवरात्रि के यदि आपने घर में कलश स्थापना की है तो आप सबसे पहले गणेश पूजा करें और कलश पूजा करें उसके बाद दुर्गा पूजा करें। दुर्गा पूजा करने के बाद दीपक लगाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
1. दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से का पहला नियम है कि हमेशा पुस्तक को लाल कपड़े पर रखें और उस पर अक्षत और फूल अर्पित कर ही पाठ शुरु करें।
2. माना जाता है कि दुर्गा सप्तशती का हर मंत्र, ब्रह्मा, वशिष्ठ और विश्वामित्र जी द्वारा शापित किया गया है। इसलिये जब भी दुर्गा सप्तशती का पाठ करें उससे पहले इसका शापोद्धार करें।
3. याद रखें की दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से पहले और बाद में नर्वाण मंत्रों का पाठ जरुर करना चाहिए। जो की इस प्रकार है, नर्वाण मंत्र- ''ओं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाये विच्चे''
4. नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय शब्दों का हेर-फेर ना करें, यदि संस्कृत भाषा में कठिनाई हो तो इसे हिन्दी में भी किया जा सकता है।
5. दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय मंत्रों का उच्चारण सही होना चाहिए। इसलिये मन को शांत और स्थिर रखें।
6. अंत में मां दुर्गा से अपनी भूलचूक के लिये क्षमा प्रार्थना जरूर करें।
Published on:
29 Sept 2019 05:52 pm

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