
रामगढ़ कस्बे में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। शिव मंदिर से सन्तों के सानिध्य में कलश यात्रा और वाहनों पर शोभा यात्रा निकली। यह यात्रा मुख्य बाजार और आसुतार चौराहे से गुजरकर राम मंदिर पहुंची। राम मंदिर प्रांगण में धर्मसभा आयोजित हुई जिसमें हिन्दू समाज से बुजुर्ग, माताएं, युवा, बालक और बालिकाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। धर्मसभा में महंत बाल भारती महाराज और महंत नारायण भारती महाराज सानिध्य में रहे। मुख्य वक्ता के रूप में जेठूदान और अध्यक्ष के रूप में विनोद बिस्सा उपस्थित रहे। सभा में सनातन परंपराओं, सामाजिक चुनौतियों और आंतरिक एकजुटता पर विचार प्रकट हुए।
महंत बाल भारती महाराज ने कहा कि सोशल मीडिया पर समाज की बच्चियों में आ रहे बदलाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अच्छे संस्कार देना आवश्यक है ताकि वे भविष्य में सनातन की प्रतिष्ठा बढ़ा सकें। खासकर माताओं से आग्रह किया गया कि वे बालकों और बालिकाओं को पहली गुरु के रूप में संस्कारयुक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि जैसलमेर में हाल की घटनाएं समाज को चिंतित कर रही हैं, जिसका प्रतिकार होना चाहिए। महंत नारायण भारती ने समाज को जागरूक होकर धर्म और समाजहित के विरुद्ध कार्य करने वालों के सामने खड़ा होने का आग्रह किया। नारायण भारती ने कहा कि धर्म और राष्ट्र के लिए त्याग व बलिदान भी अपेक्षित हो तो पीछे नहीं हटना चाहिए। मुख्य वक्ता जेठूदान ने कहा कि हिन्दू समाज के जागरण के लिए गांव-गांव में धर्मसभाएं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज एक मंच पर बैठकर चर्चा कम करता है और यदि करता भी है तो फोकस राजनीति पर केंद्रित रहता है, जबकि राष्ट्र और धर्म की चर्चा गौण रह जाती है। उन्होंने कहा कि संवाद और संगठन से ही समाज अपनी शक्ति और पहचान विकसित कर सकता है। धर्मसभा का समापन भारत माता की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। कस्बे में सम्मेलन और शोभायात्रा को लेकर दिनभर में उत्साह और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
Published on:
18 Jan 2026 08:23 pm
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