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अफीम व शराब की लत छुड़वाने पहुंच रहे एमजीएच

भीलवाड़ा जिले में अफीम व शराब का नशा छोड़ने वालों की तादाद बढ़ रही है। बीते साढ़े चार साल में करीब पांच हजार लोग नशा छोड़ने एमजीएच पहुंचे। इनमें सर्वाधिक 2100 अफीम व 1200 शराब से परेशान थे। दवा से कुछ ने नशा छोड़ दिया।

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अफीम व शराब की लत छुड़वाने पहुंच रहे एमजीएच

अफीम व शराब की लत छुड़वाने पहुंच रहे एमजीएच

भीलवाड़ा जिले में अफीम व शराब का नशा छोड़ने वालों की तादाद बढ़ रही है। बीते साढ़े चार साल में करीब पांच हजार लोग नशा छोड़ने एमजीएच पहुंचे। इनमें सर्वाधिक 2100 अफीम व 1200 शराब से परेशान थे। दवा से कुछ ने नशा छोड़ दिया।

मनोरोग विभागाध्यक्ष वीरभान चंचलानी ने बताया कि अधिकांश का नशा दवा देकर छुडा़ने का प्रयास किया। पीडि़तों को भर्ती भी किया गया। अफीम, शराब, स्मैक, तम्बाकू, गांजा व भांग, नींद व दर्द निवारक गोली, मोबाइल की लत से परेशान का दवा से इलाज किया जाता है। अफीम व स्मैक को छोड़ अन्य नशा दवा से 28 दिन में छूट जाता है। अफीम व स्मैक का नशा छुडा़ने में दवा से 6 माह व अधिक लगता है।

युवा शराब व बुजुर्ग अफीम के आदी

शराब का नशा छुड़ाने को पहुंचने वाले लोगों में 25 से 50 साल व अफीम छुड़ाने को 50 से 75 तक की उम्र के लोग आते हैं। स्मैक व अन्य नशा करने वाले हर उम्र के लोग हैं। स्मैक के चंगुल में सबसे ज्यादा युवा फंसे हैं।

अन्य नशा छोड़ने पहुंचे ये

साढ़े चार साल में शराब व अफीम के अलावा अस्पताल में स्मैक के 750, गांजा के 300, तम्बाकू के 450, दर्द निवारक गोली के 100, नींद की गोली के 120, मोबाइल की लत से पीडि़त 15 लोग पहुंचे।

इनका कहना है...

नशा करते हो तो आज ही इसे छोड़ने को अस्पताल पहुंचे। राज्य सरकार के एमजीएच में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं व नशा छुड़ाने में काम आने वाली सभी दवाएं निशुल्क उपलब्ध है।

डॉ. अरुण गौड़, अधीक्षक, एमजीएच