इस कारण वे बार-बार अपना फोन चेक करते रहते हैं। फोन नहीं बजने पर भी उन्हें रिंगटोन सुनाई देती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इसे फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम कहते हैं। इसमें व्यक्ति फोन से बिल्कुल भी दूर नहीं रह पाता। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की 2024 की रिपोर्ट्स के अनुसार फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम से लोगों में एंग्जायटी डिसऑर्डर तेजी से बढ़ रहा है। इस अवस्था को टैक्टाइलहेलुसिनेशन कहते है, यानी ऐसी चीज को महसूस करना, जो असल में होती ही नहीं है। फोन का अधिक इस्तेमाल और उस पर बढ़ रही निर्भरता के कारण लोग इस सिंड्रोम का शिकार हो रहे हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।