scriptindian girl geeta stuck in pakistan for 13 years needs bajrani bhaijaan | रियल लाइफ 'मुन्नी' की फैमिली का पता लगाएगी मोदी सरकार   | Patrika News

रियल लाइफ 'मुन्नी' की फैमिली का पता लगाएगी मोदी सरकार  

Published: Aug 03, 2015 05:46:48 pm

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pawan kumar pandey

फिल्म बजरंगी भाईजान भले ही एक कहानी हो लेकिन उससे बिल्कुल मिलती-जुलती कहानी है गीता की। गीता पिछले 13 साल से पाकिस्तान में रह रही है। वह न तो बोल सकती है और न सुन सकती है।

फिल्म बजरंगी भाईजान भले ही एक कहानी हो लेकिन उससे बिल्कुल मिलती-जुलती कहानी है गीता की। गीता पिछले 13 साल से पाकिस्तान में रह रही है। वह बजरंगी भाईजान की मुन्नी की तरह न तो बोल सकती है और न सुन सकती है। ऐसी ही मुन्नी (गीता) को उसके परिवार से मिलाने की कवायद में अब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी शामिल हो गई है। सुषमा ने इस बात की जानकारी ट्विटर पर दी।

सुषमा स्वराज ने अंसार बर्नी के ट्वीट पर रिट्वीट कर लिखा, मैंने पाकिस्तान में भारत के हाई कमिश्नर टीसीए राघवन को मिसेज राघवन के साथ कराची जाकर गीता से मिलने के लिए कहा है।


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सुषमा ने भारतीय हाई कमिश्नर को दिए गीता से मिलने के निर्देश

इस कवायद की शुरुआत हुई पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी के ट्वीट से। बर्नी पिछले तीन साल से गीता को उसके खोए परिवार से मिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्य़म से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी इस बात से जानकारी दी।


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13 साल पहले भटक कर सीमा पार पहुंची

एदी फाउंडेशन नामक संगठन के फैसल एदी का कहना है कि संभवत: बचपन में भटककर पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हुई गीता को पंजाब रेंजर्स ने 13 साल पहले हमें सौंपा था। लाहौर स्थित एदी सेंटर में लाया गया था और बाद में कराची स्थित एक आश्रय गृह में भेज दिया गया।




भारत का नक्शा देखते ही रो पड़ी
यहां बिलकिस एदी ने इस लड़की का नाम गीता रखा और अब 23 साल की गीता के बहुत करीब हो गई हैं। अखबार के मुताबिक, यह लड़की एदी फाउंडेशन के कर्मचारियों को सिर्फ इतना अवगत करा पाई है कि उसने मोबाइल फोन पर भारत का नक्शा पहचान लिया और रो पड़ी।


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बर्नी ने तीन साल पहले उठाया था मुद्दा
वह पत्रिकाओं से हिन्दी शब्दों की नकल करती है। आश्रय गृह के कर्मचारियों ने उसके लिए अलग एक पूजा कक्ष बनाया है,जिसमें हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगी हैं। पूर्व मंत्री अंसार बर्नी ने तीन साल पहले अपने भारत दौरे के समय गीता का मुद्दा उठाया था।

भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने नहीं ली दोबारा खबर
फैसल ने कहा कि पिछले साल भारतीय वाणिज्य दूतावास के कर्मचारी उसके पास आए थे और तस्वीर एवं रेकॉर्ड लिए थे, लेकिन वे वापस नहीं आए। कई पत्रकारों ने भी गीता का साक्षात्कार किया, लेकिन उसके परिवार के बारे में कोई पता नहीं लगा सका।




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