International Yoga Day: एकाग्रता बढ़ाने के साथ ही हृदय और फेंफड़ाें को ठीक करते हैं ये प्राणायाम

मुख्य बातें

  • पीएम मोदी के ट्वीटर हैंडल से योगा डे के एक दिन पहले ट्वीट की गई दो वीडियो
  • ध्यान और नाड़ीशोधन प्राणायाम की बताई गई प्रक्रिया और फायदें
  • हृदय और शरीर के साथ मस्तिष्क के लिए

By: Nitin Sharma

Published: 20 Jun 2019, 05:31 PM IST

नोएडा। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है। ऐसे में योग के प्रति लोगों को जागरुक करने और स्वस्थ रखने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ट्वीटर पर हर दिन अलग अलग योगासन का एक एनिमेटिड वीडियो ट्वीट करते हैं। इस वीडियो में योगासन की क्रिया और फायदें भी बताये जाते है। जिसे हर दिन लाखों लोग करते है। गुरुवार को पीएम मोदी के ट्वीटर हैंडल से एक की जगह दो एनिमेटेड वीडियो ट्वीट किये गये। इनमें एक ध्यान और दूसरा नाड़ीशोधन प्राणायाम है। इस वीडियो को कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने देखा। इसके साथ प्राणायाम भी किया। इतना ही नहीं इन दोनों प्राणायाम के लाभ भी एक नहीं कई है।

International Yoga Day: पीएम मोदी को देख यह योगा टीचर लोगों को फ्री में सिखा रहा योगासन

greno

यहां लोगों ने किये पीएम मोदी द्वारा बताये गये प्राणायाम

पीएम मोदी द्वारा हर दिन ट्वीटर हैंडल से एक अलग अलग योगासन की एनिमेटेड वीडियो ट्वीट की जा गई। जिसे हर दिन हजारों लोगों ने देखकर प्राणायाम किया। इसी को देखते हुए ग्रेटर नोएडा के योग शिक्षक सचिन ने लोगों को नाड़ी शोधन प्राणायाम और ध्यान के विषय में बताया। उन्होंने लोगों को क्रिया सिखाई। इसके साथ ही लोगों को इसके फायदें बताये। बुधवार की तरह गुरुवार को भी लोगों ने योगासन और प्राणायाम किया।

Video: डबल मर्डर कर साधु बनकर रह रहा आरोपी, 19 साल बाद ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे, हर कोई जानकर रह गया हैरान

yoga

नाड़ी शोधन प्राणायाम

ग्रंथों में 72 हजार नाडिय़ों को शुद्ध करने के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम का वर्णन किया गया है। किसी भी प्राणायाम को शुरू करने से पहले इसे करना उपयोगी है। सूर्याेदय से पहले इसका अभ्यास एकांत और खुले वातारण में करना चाहिए। क्योंकि इस समय वातावरण में शुद्ध हवा मौजूद होती है, जो मुंह से होते हुए फेफड़ों तक जाती है और यहां से हृदय के जरिए रक्त में मिलकर हर अंग तक पहुंचती है।

nn

नाड़ी शोधन प्राणायाम और ध्यान के है मुख्य फायदें

नाड़ी शोधन प्रणायाम को अलोम विलोम भी कहा जाता है। इस प्राणायाम से शरीर में ऊर्जा वहन करने वाली सभी नाडिय़ों का शुद्धिकरण करके पूरे शरीर का पोषण करना है। इसके साथ ही नाड़ी शोधन प्राणायाम हृदय से लेकर फेफडों के लिए बहुत ही लाभकारक है। यह प्राणायाम शरीर के रक्त प्रवाह तंत्र को बेहतर बनाकर हृदय रोगियों को फायदा पहुंचाता है। इसके साथ खांसी, सांस और कफ से जुड़े समस्याओं को दूर करता है। इसके साथ ही ध्यान और नाड़ी शोधन प्राणायाम से एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत होता है। यह दोनों प्राणायाम ध्यान केंद्रित करने और तनाव व बेचैनी को दूर करने में भी बहुत ही लाभदायक है।

yogasen

ऐसे करें यह प्राणायाम

नाड़ी शोधन प्राणायाम करने के लिए सुखासन की मुद्रा में सीधे बैठकर आंखें बंद कर लें। इसके बाद दाएं हाथ के अंगूठे से दाएं नथुने को बंद कर पूरी सांस बाहर निकालें। फिर बाएं नथुने से सांस लें, मध्यमा अंगुली से बाएं नथुने को बंद कर कुछ देर सांस को क्षमतानुसार अंदर ही रोक कर रखें। अब दायां अंगूठा हटाकर सांस को धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। 1-2 सेकंड सांस को बाहर छोड़ें। इस प्रक्रिया को दाएं नथुने से भी दोहराएं। इस एक चक्र को 5-7 मिनट करें। इसे खाली पेट करें। इसे करने के दौरान मुंह से सांस न लें। जल्दबाजी न करें।

Show More
Nitin Sharma Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned