ब्रिस्टल कोर्ट के जज बैरी कोटर ने कहा कि आपने बेहद चालाकी से लड़कियों को धोखा दिया है, आपने रिलेशनशिप को बरकरार रखने के लिए तमाम पैंतरे अपनाए
लंदन। आपने तरह तरह के तरीके सुने होंगे जो लोग एक-दूसरे के साथ हमबिस्तर होने के लिए अपनाते हैं। हम आपको एक ऐसा मामला बता रहे जिसे जान कर आप हैरान रह जाएंगे कि सेक्स करने के लिए कोई ऐसा भी कर सकता है। जी हां, ब्रिटेन में एक महिला सोशल मीडिया पर खुद को पुरुष बताकर अपना नाम जैसन स्पिलर रखा। फिर वेबकैम के जरिए चैट कर तीन टीनएज गर्ल्स को फंसाया। इसके बाद सेक्स टॉय की मदद से महीनों तक उनके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए। हालांकि, सच सामने आने पर जेनिफर स्टेन्स (रियल) नाम की इस महिला को 39 महीने की सजा सुनाई गई है।
17 साल की उम्र से कर रही थी ये हरकत
हैरान कर देने वाला यह मामला ब्रिस्टल का है। लोकल पुलिस को आरोपी स्टेन्स के घर से रबर का एक पेनिस बरामद हुआ था। विक्टिम्स के मुताबिक, 23 साल की स्टेन्स सेक्स के वक्त कंडोम का भी इस्तेमाल करती थी। ब्रिस्टेल क्राउन कोर्ट ने स्टेन्स को तीन लड़कियों पर सेक्शुअल असॉल्ट का दोषी माना है। मामला बीते पांच साल से चल रहा था। पहले ऑफेन्स के वक्त स्टेन्स की उम्र 17 थी।
जज ने कहाः यह प्यार था, प्यार और सेक्स था या फिर महज सेक्स के लिए ऐसा किया
ब्रिस्टल कोर्ट के जज बैरी कोटर ने कहा कि आपने बेहद चालाकी से लड़कियों को धोखा दिया है। आपने रिलेशनशिप को बरकरार रखने के लिए तमाम पैंतरे अपनाए। यहां तक कि विक्टिम को भी आपके जेंडर का पता नहीं चला। मैं तय नहीं कर पा रहा कि यह प्यार था, प्यार और सेक्स था या फिर महज सेक्स के लिए ऐसा किया गया।
सेक्शुअल सैटिस्फेक्शन के लिए किया ऐसा
जांचकर्ता कॉन्सटेबल नैडिन पार्टिज ने कहा कि स्टेन्स ने लड़कियों को इस कदर फंसाया था कि वे उसे जवान लड़का समझ बैठीं। स्टेन्स ने उन्हें अपने महिला होने की बात से अनजान रखा। उसने सेक्शुअल सैटिस्फेक्शन के लिए ऐसा किया था। एक विक्टिम अभी भी यह सोचकर हैरान है कि जिसे पुरुष समझकर वह रिलेशनशिप में थी, वो दरअसल महिला है।