
विशेष योजना के तहत कप्प्युटर की शिक्षा हासिल करते पहाड़ी कोरवा बच्चे।
जशपुरनगर. प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन उनके जीवन का रंग बदलने की हर सम्भव कोशिश कर रहा है जिससे वे अब मुख्यधारा से जुड़कर नए आयाम गढऩे की दिशा में बढ़ रहे हैं। जशपुर जिला प्रशासन के द्वारा विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों की जीवन की दशा बदलने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे समुदाय के लोग की अब आर्थिक और सामाजिक प्रगति की कर रहे है, निश्चित ही आने वाले समय में पहाड़ी कोरवा समाज के लिए एक मिसाल बनेंगे। जिस तरह से जिला प्रशासन पहाड़ी कोरवा जनजाति के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य क़ृषि रोजगार, स्वरोजगार एवं अन्य क्षेत्रों में प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है उसमें आने वाले समय वे तेजी से दौड़ते हुए दिखेंगे। जिला प्रशासन उस दिन के इंतजार में जब वह तीर धनुष वाले लंगोटधारी पहाड़ी कोरवाओं की आज की पीढ़ी अंतरिक्ष में जाने की बात करेगी।
बदल रही पहाड़ी कोरवाओं की तस्वीर: एक बेहतर सोच और संसाधन के साथ जिला प्रशासन आज विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के शिक्षित युवाओं को मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में लगातार प्रयासरत है। जिला प्रशासन ने इस समुदाय को नई दिशा देने की कोशिश के सार्थक परिणाम अब सामने आने लगे हैं, इससे पहाड़ी कोरवा युवाओं में आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है और एक बदलाव भी उनमे दिखने लगा है। पिछले दो साल में जिला खनिज न्यास निधि से 115 विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के शिक्षित युवक युवतियों को अतिथि शिक्षक की नौकरी दी गईं है।
850 कोरवा विद्यार्थी आश्रमों-छात्रावासों में: जिला प्रशासन की सोच है कि विशेष पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति के बदलाव और उनके उत्थान का एकमात्र रास्ता शिक्षा है जिसके माध्यम से वे विकास के अनेक सोपान तय कर सकते है इसके लिए आदिम जाति विकास विभाग द्वारा उनके लिए छात्रावास आश्रम की स्थापना की गईं है, जिसमें वर्तमान में कुल 850 बालक-बालिका अध्ध्यनरत हैं। पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों के लिए पृथक से पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय रूपसेरा में स्थापित है जहां कक्षा 1ली से 10 तक प्रत्येक कक्षा में 10 बालक और 10 बालिकाओं के लिए सीट स्वीकृत है जिसमें 200 सीटें स्वीकृत हैं। इसके अतिरिक्त भी कई अन्य स्कूलों में पहाड़ी कोरवा बच्चे अध्ययनरत हैं। पहाड़ी कोरवा बालिकाओं के लिए तीन कन्या एवं एक बालक आश्रम को आदर्श आश्रम के रूप में विकसित किया गया है। जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कुल 71 कोरवा बच्चे, प्रयास आवासीय में 2 बच्चे अध्ययनरत हैं। कभी सोचा भी नहीं जा सकता था कि पहाड़ी कोरवा समुदाय का बच्चा अंग्रेजी माध्यम स्कुल में पढ़ेगा लेकिन आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के महत्वकांक्षी योजना स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बगीचा में वर्तमान में 12 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। अन्य शासकीय स्कूलों में वर्तमान में 1652 छात्र छात्राएं कक्षा 1से 12 तक अध्यनरत कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त पूर्व में 36 को शिक्षक, तृतीय श्रेणी के पदों पर 23, चतुर्थ श्रेणी नियमित 33, चतुर्थ श्रेणी कंटीजेंसी, 221 पदों पर भर्ती की गईं है। अब तक पहाड़ी कोरवा समुदाय के कुल 428 शिक्षित युवक युवतियों को शासकीय नौकरी में नियुक्ति प्रदान कर उनके जीवन में खुशियों का नया रंग भर दिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 2022 में भेंट मुलाक़ात कार्यक्रम में जशपुर जिला के प्रवास दिनांक 26 जून को विशेष पिछडी जनजाति के लिए तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के लिए विशेष भर्ती अभियान करने की घोषणा की है जिसके पालन में जशपुर जिले में लगभग 167 युवक-युवतियोंं को सीधी नियुक्ति दी जा रही है इस भर्ती में वर्तमान में सहायक शिक्षक नियमित के पद पर 10, हायरसेकेण्डरी और कम्प्यूटर पात्रता धारी को प्राथमिकता देते हुए सहायक ग्रेड 3 के पद पर 8 लोगों को, 1 ड्रेसर वर्ग 2 के पद पर विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2022 को नियुक्ति दी जाएगी।
Published on:
09 Aug 2022 12:36 am
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