
घायल पहाड़ी कोरवा महेंद्र राम।
जशपुरनगर. आज से लगभग ३ सप्ताह पहले जंगली भालू के हमले में बुरी तरह से घायल हुए पहाड़ी कोरवा का इलाज अब रायपुर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में संभव हुआ है। जशपुर से गंभीर रूप से घायल पहाड़ी कोरवा को अंबिकापुर रेफर किया गया था, जहां इसके इलाज में एक प्राईवेट अस्पताल में १ लाख रुपए से अधिक का बिल हो जाने के बाद आगे का खर्च उठाने में कोरवा परिवार ने असमर्थता जाहिर की थी। इस समाचार को पत्रिका ने अपने ११ सितम्बर के अंक में, पहाड़ी कोरवा परिवार अपने मुखिया की मौत की कर रहा है कामना, शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद आखिरकार सरकार जागी और सरकार की तरफ से संवेदना दिखाते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पहाड़ी कोरवा के इलाज का जिम्मा लिया और अब पहाड़ी कोरवा का इलाज रायपुर के दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल दाऊ कल्याण सिंह स्नातकोत्तर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र रायपुर में चल रहा है।
भालू ने जबड़ा और खोपड़ी उखाड़ दी थी : जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के हर्राडीपा गांव के पहाड़ी कोरवा महेंद्र राम को 26 अगस्त को खेतों में काम करने जाते समय भालू ने हमला कर उसकी खोपड़ी और जबड़ा उखाड़ दिया था। जिसके बाद उसे सन्ना के अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर जिला अस्पताल अंंिबकापुर भेज दिया गया था, जहां से भी उसे रायपुर ले जाने की बात कह कर जिला अस्पताल ने पल्ला झाड़ लिया था। जिसके बाद परिवार के मिन्नतों के बाद होलीक्रॉस अंबिकापुर में एडमिट कर तो लिया गया, जहां बुरी तरह से घायल पहाड़ी कोरवा की इलाज में 8-10 दिनों में पहाड़ी कोरवा परिवार का इलाज में गाय, बैल, बकरी सब बिक चुका था और तो और अस्पताल के इलाज का 1 लाख बकाया भी था। गरीब असहाय परिवार मजबूरीवश अपने मुखिया के मौत के इंतजार में न चाहते हुए भी बैठ गया था। इस खबर को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने की इलाज की व्यवस्था : मामले में प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल पहाड़ी कोरवा महेंद्र के बारे में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को जब जानकारी हुई, तो उन्होंने मामले में संज्ञान लिया और मरीज को संपर्क करके 16 सितंबर को रायपुर बुलवा लिया। जहां उनकी एक निजी टीम पहाड़ी कोरवा परिवार के साथ लगातार संपर्क में है, और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उसका इलाज जारी है। मरीज महेंदर की खोपड़ी और जबड़े में प्लेट लगना है, जिस हेतु डॉक्टरों की टीम लगी हुई है। मरीज को लेकर अब तक जिला प्रशासन या किसी नेता ने किसी प्रकार का कोई संज्ञान नही लिया है। वन विभाग के द्वारा भ्ज्ञी मात्र 10 हजार रुपए देकर अपने दायित्वों की इतिश्री कर ली है। इन सब के बीच अलबत्ता क्षेत्र के कोरवा नेता प्रदीप नारायण ने कोरवा परिवार को रायपुर पहुंचाने के लिए उनकी राह आसान की, दीवान प्रदीप नारायण ने पहले उन्हें अंबिकापुर पहुंचाया, फिर वहां से सरकारी एम्बुलेंस से रायपुर दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल रायपुर भेजा गया, जहां अब पहाड़ी कोरवा महेंदर का इलाज जारी है।
Published on:
21 Sept 2022 01:09 am
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