
इसके बाहरी व अंदरुनी अंग काले रंग के होते हैं
जगदलपुर। कड़कनाथ को बीएमसी (ब्लैक मीट चिकन) के तौर पर लजीज व्यंजन में शुमार किया गया है। डाइटिशियन व वैज्ञानिकों ने पाया है कि इसके मांस व अंडे के सेवन से रक्त संचार बढ़ जाता है।
प्रोटीन की प्रचुरता है
जनजातिय इलाकों में इसके मांस को गरम(उत्तेजक) माना जाता है।
प्रोटीन की अधिकता व कम कोलेस्ट्रोल की वजह से इसे अस्थमा व ह्दयरोगियों के लिए पौष्टिक आहार के साथ ही सेक्स पावर बढ़ाने वाले तथ्यों से भरपूर बताया गया है। जानकार इसे बस्तर का चलता- फिरता वियाग्रा कहते हैं।
प्रजाति पर संकट
उत्तेजना बढ़ाने के चलते इस जंगली प्रजाति पर संकट मंडराने लगा है। पहले कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान इलाके में इसकी अच्छी खासी तादाद थी अब इसे देखना दुर्लभ हो गया है। अब फार्मिंग के चलते इसकी नस्ल वृद्धि की जा रही है। इसके अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं।
आयरन बेस्ड है बीएमसी
तोषण ठाकुर, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र ने बताया कि
कड़कनाथ के मांस को ब्लैक मीट चिकन कहा जाता है। मेलेनीन व आयरन बेस्ड होने से यह एनीमिक रोगियों के लिए लाभप्रद है। हृदयरोग व तेज रक्त संचार के चलते इसे यौनोत्तेजक कहा जा सकता है।
यह है खासियत
कड़कनाथ में मिलेनिन पिगमेंट ज्यादा पाया जाता है इसकी वजह से इसके बाहरी व अंदरुनी अंग काले रंग के होते हैं। इसके मांस में विटामिन बी १, बी २, बी ६, सी व ई भरपूर होता है। इसके अलावा साधारण मुर्गे की तुलना में २५ प्रतिशत ज्यादा प्रोटीन व कम कालेस्ट्राल के चलते अस्थमा व किडनी के रोगियो के लिए पौष्टिक आहार है।
Published on:
23 Feb 2022 11:42 pm
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