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क्या किसी कानून के जरिए जनसंख्या को नियंत्रित करना आवश्यक हो गया है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Gyan Chand Patni

Jun 14, 2021

क्या किसी कानून के जरिए जनसंख्या को नियंत्रित करना आवश्यक हो गया है?

क्या किसी कानून के जरिए जनसंख्या को नियंत्रित करना आवश्यक हो गया है?

जरूरी है जनसंख्या नियंत्रण
बढ़ती हुई जनसंख्या ने विकास के रास्ते बंद कर दिए। संजय गांधी ने हिम्मत दिखाई थी, उसके बाद किसी की हिम्मत नहीं हुई। समझा बुझाकर बहुत देख लिया, कुछ नहीं हुआ। मर्ज बढ़ता ही गया, ज्यों-ज्यों दवा की गई। हर सरकारी सुविधा में बच्चों की संख्या सबसे महत्वपूर्ण बात मानी जाए। नियम सब पर लागू हों। जाति विशेष को छूट नहीं, किसी भी हालत में। वोट बैंक की राजनीति का इस प्रकार के कानून पर कोई असर नहीं होना चाहिए। संसाधन बढ़ती जनसंख्या के सामने नगण्य होते जाएंगे। आज स्थिति यह है कि 'पांच बुलाए, पच्चीस आए, सारे के सारे भूखे जाए! ' अभी नहीं चेते तो आने वाली पीढिय़ों के बहुत ही बुरे हाल होंगे। विडंबना यह है कि संपन्न लोगों के बच्चे कम है और विपन्न लोगों के बहुत ज्यादा। इतना कष्ट सहन करने के बाद भी गरीब तबका सुधरने को तैयार नहीं। अत: सरकार को जनसंख्या नियंत्रित करने के प्रयास करने ही होंगे।
राजेन्द्र कुमार सुराणा,रायपुर
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चीन से लें सबक
दुनिया का सबसे युवा देश भारत है। हर पांचवां युवा भारतीय है, लेकिन यदि कानून लाकर जनसंख्या नियंत्रण का प्रयास किया गया तो निश्चित तौर पर अपनी हालात चीन जैसी हो जाएगी। मजबूरन चीन ने अपनी वन चाइल्ड की नीति को बदलकर 2016 में दो बच्चों की अनुमति दी और हाल ही में तीन बच्चों की अनुमति देकर यह साबित कर दिया कि कानूनी नियंत्रण से असंतुलन उत्पन्न होना लाजमी है। जनसंख्या को कानून से नियंत्रित करने से कहीं बेहतर है कि लोगों को परिवार नियोजन का महत्त्व समझाने की कोशिश करें।
- मुकेश राजपुरोहित, बीरावास, पाली
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कानून का प्रभाव नहीं
भारतीय समाज में निर्धनता, अशिक्षा तथा ***** भेदभाव जैसी समस्याएं हैं। जब तक इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक जनसंख्या पर नियंत्रण करने का कोई कानून प्रभावी नहीं हो सकता। परिवार, समाज तथा राष्ट्र पर ज्यादा जनसंख्या के नकारात्मक प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
-शिव नारायण, चूरू
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जनता को विश्वास में लेने की जरूरत
कोरोना काल में यह सवाल फिर से उठ गया है कि भारत में जनसंख्या को नियंत्रित किया जाए। मगर कोई कानून लाने से पहले लोगों को विश्वास में लेना होगा। जबरन कानून थोपने से समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। अगर एक संतान तक ही सीमित रखा गया, तो इसके दुष्परिणाम संभव है। सबको लड़का चाहिए। ऐसे में हो सकता है लड़की को गर्भ में ही मार दिया जाए। जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लागू करने का कदम सरकार को सोच समझकर उठाना चाहिए।
- डॉ. पद्मजा शर्मा, जोधपुर
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जागरूकता और शिक्षा जरूरी
जनसंख्या नियंत्रण में जागरूकता और शिक्षा की मुख्य भूमिका है। कानून की सख्ती से आक्रोश व विरोध बढ़ेगा। जहां शिक्षा है वहां परिवार भी सीमित है। साथ ही प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों की लगातार समीक्षा हो। लोगों को जागरूक करने के लिए धर्म गुरुओं एवं प्रबुद्ध वर्गों की मदद ली जाए।
-डॉ. जमील काजमी जयपुर
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जनसंख्या नियंत्रण कानून ही हल
देश की आबादी अनियंत्रित गति से आगे बढ़ रही है। वोट बैंक के कारण अब तक कोई भी सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने से बचती रही है। अगर देश की जनसंख्या कम होगी, तो सबको रोजगार के साथ-साथ साफ पर्यावरण और भोजन-पानी दे पाना संभव हो सकेगा। ज्यादातर समस्याओं के लिए देश की अनियंत्रित गति से बढ़ रही आबादी जिम्मेदार है। सरकार बढ़ती आबादी को न तो रोजगार उपलब्ध करवा पा रही है और न ही सबके भोजन, आवास और पानी जैसी जरूरतें पूरी कर पा रही है। इसलिए लोगों की मूल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जल्द से जल्द सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून लाया जाना चाहिए।
-लीला लखारा, बाड़मेर
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जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी
जिस तेजी से देश की आबादी बढ़ रही है, उसको देखते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून सख्ती से लागू करना अति आवश्यक है। गरीबी व भुखमरी बढ़ रही है। प्राकृतिक संसाधन कम पडऩे लगे हैं। महामारी काल में दवाइयों और ऑक्सीजन की व्यवस्था बहुत कठिनाई से हो सकी। बेरोजगारी बहुत बढ़ गई है। बढ़ती आबादी से हमारी अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ता है। देश की सभी समस्याओं का मूल कारण ही घनी आबादी है। जनसंख्या विस्फोटक स्थिति तक पहुंच गई है। अंत: जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करना चाहिए।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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कानून की बजाय जागरूकता जरूरी
वर्तमान में भारत में जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए बहुत से कानून पहले से ही बने हुए हैं। लेकिन लचर कानूनी व्यवस्था होने के कारण उन नियमों का पालन नहीं होता है। जनसंख्या वृद्धि के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करना होगा। नए कानून बनाने की बजाय पहले से ही बने कानूनों पर प्रभावी रूप से काम करेंगे तो अच्छा रहेगा
-निकिता महावर, जयपुर
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आवश्यक ही नहीं अनिवार्य
भारत में बढ़ती हुई जनसंख्या विकास की गति को अवरुद्ध कर रही है। इसके लिए कानून बनाना अब आवश्यक ही नहीं अनिवार्य भी हो गया है। हम अपने सीमित संसाधनों से असीमित जनसंख्या की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकते।
-सिद्धार्थ शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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बेअसर रहा 'हम दो, हमारे दो ' का नारा
वर्तमान में जिस तरह जनसंख्या बढ़ रही है वह भविष्य के लिए अत्यंत चिंता का विषय है। अनियंत्रित जनसंख्या का सीधा प्रभाव पर्यावरण पर पड़ रहा है। वैसे तो भारत में 'हम दो, हमारे दो ' का नारा बरसों से चला आ रहा है, लेकिन इसका खास असर नजर नहीं आ रहा। इन सभी समस्याओं को देखते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना आवश्यक हो गया है।
-शुभम् दुबे, इंदौर, मप्र
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देश के विकास के लिए जरूरी
यदि भारत को उभरती हुई अर्थव्यवस्था में अपना स्थान बनाना है, आत्मनिर्भर तथा सबका साथ सबका विकास को प्राथमिकता देना है, तो समय है कि हम जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करें। हमें वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर देश के सर्वांगीण विकास के लिए सोचना होगा। गरीबी, बेरोजगार और अशिक्षा की समस्या को कम करने के लिए इस कानून की आवश्यकता है।
एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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आएगा सभी क्षेत्रों में सुधार
भारत जैसे सीमित संसाधन वाले विकासशील देश में किसी भी उपाय से जनसंख्या नियंत्रण करने से सभी क्षेत्रों में सुधार आएगा। प्रकृति का जरूरत से ज्यादा दोहन रुकेगा। अतिक्रमण पर लगाम लगेगी और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
-आयुष प्रभु ,जयपुर
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महिला सशक्तीकरण है जरूरी
जनसंख्या नियंत्रण में महिलाओं की अहम भूमिका हो सकती हैं। कम उम्र में विवाह व परिवारिक जिम्मेदारी से उन पर काफी दबाव पड़ता है और वे अपने निर्णय खुद नहीं ले पाती हैं। महिला सशक्तीकरण इसका एकमात्र समाधान है।
-साहिल आदित्य, छतरपुर
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जनसंख्या घटाओ, प्रकृति बचाओ
वर्तमान स्थिति को देखते हुए देश में जनसंख्या नियंत्रण करना बेहद जरूरी है, क्योंकि वह दिन अब दूर नहीं है जब भारत जनसंख्या में विश्व में प्रथम स्थान पर आ जाएगा। इसलिए केंद्र सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करना चाहिए। जनसंख्या घटाओ, प्रकृति बचाओ जैसे स्लोगन के द्वारा भी लोगों को जागरूक किया जा सकता है। मीडिया के माध्यम से लोगों को समझाना चाहिए।
-शिवओम पाराशर, अहमदाबाद, गुजरात
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सबसे पहले जरूरी है जागरूकता
जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून आवश्यक नहीं है। कानून से पहले जागरूकता आवश्यक है। जनता में जनसंख्या नियंत्रण के फायदे का प्रचार-प्रसार किया जाना आवश्यक है, जिससे जनता में यह विश्वास हो जाए कि कानून जनता पर थोपा नहीं गया है, बल्कि राष्ट्रहित व जनता के हित में उठाया गया प्रभावी कदम है।
-जयवीर सिंह यादव, जबलपुर, मप्र
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बिगड़ गया प्रकृति का संतुलन
जनसंख्या नियंत्रण भारत की परम आवश्यकता है। इसके लिए तुरंत कानून बनना ही चाहिए। बढ़ती आबादी हर समस्या का मूल कारण है। चाहे बेरोजगारी हो या प्रदूषण या फिर अपराधो का बढ़ता ग्राफ। प्रकृति और मनुष्य के बीच का संतुलन प्राय: समाप्त हो चुका है। घनी आबादी के चलते हमने हरे-भरे जंगल खत्म करके कंक्रीट के जंगल विकसित किए और आज नतीजा सामने है। शुद्ध प्राणवायु तक का अभाव हो रहा है। जनसंख्या नियंत्रण में देर करना आत्मघाती हो सकता है।
-अशोक रायजादा, जोधपुर
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कानून व जागरूकता दोनों ही जरूरी
देश में बढ़ती जनसंख्या के लिए कानून व जागरूकता दोनों की अति आवश्यकता है। कठोर कानून बनाया जाएगा, तभी देश की जनसंख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कानून का सख्ती से पालन करवाना चाहिए।
-बालकिशन अग्रवाल सूरत गुजरात
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जरूरी है कानून
जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाना बहुत ही आवश्यक हो चुका है। जनसंख्या वृद्धि से देश के संसाधनों पर बोझ बढ़ेगा और कुछ समय बाद हालात बदतर हो जाएंगे। सरकार हो चाहिए कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जनसंख्या कानून को भी सख्ती से लागू करे, जिससे हमारे देश की स्थिति में सुधार हो सके ।
- मनु पटवा, सागर, मध्य प्रदेश
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सीमित संसाधन
जनसंख्या का बढऩा एक वैश्विक समस्या है। संसाधन सीमित है और जनसंख्या बढ़ती जा रही है। इसका कारण धार्मिक, भावनात्मक या आर्थिक हो सकता है, लेकिन इसके दुष्परिणाम भी हैं। व्यक्ति की संकीर्ण सोच को बदलने के लिए कानून का सहारा लेना आवश्यक हो गया है। कुछ कानूनी अवरोध ही जनसंख्या को नियंत्रित कर सकते हैं।
-राजेंद्र गुप्ता, इंदौर, मप्र
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राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी
देश की जनसंख्या में होती बेहताशा वृद्धि को रोकने के लिए किसी सख्त कानून की आज महती आवश्यकता है। देश के सीमित संसाधनों का सही-सही उपयोग हो सके, इसके लिए पूर्ण राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ एक सख्त कानून बनाया जाना चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण के अभाव में किए गए सारे विकास कार्य विफल हो रहे हैं।
-भगवती लाल जैन, राजसमंद
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मूलभूत सुविधाओं का अभाव
भारत में लगातार हो रही तीव्र जनसंख्या वृद्धि से लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हुए हैं। संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए जनसंख्या नियंत्रण जरूरी हे। लोगों में शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य, गर्भनिरोधक साधनों और जागरूकता का स्तर बढ़ाया जाना चाहिए व उचित कानून भी बनाया जाना चाहिए ।
अशोक शर्मा, जामडोली,, जयपुर
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