पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।
प्रतिभा पलायन रोकना होगा
चिकित्सा शिक्षा महंगी होने से कई युवा विदेश में शिक्षा लेने को मजबूर हैं। मध्यवर्गीय प्रतिभाशाली युवा पैसों के अभाव में चिकित्सा शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाएंगे तो डॉक्टरों की कमी बनी रहेगी।
- साजिद अली, इंदौर
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महंगी शिक्षा से अवसरों में कमी
चिकित्सा शिक्षा लंबी होने से भी महंगी हो जाती है। विशेषज्ञ सेवाओं की शिक्षा तो और भी लंबी और महंगी होती है। भारी-भरकम खर्च के कारण चिकित्सा कारोबार पर भी असर पड़ता है। संसाधनों का इंतजाम करना भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
- माधव सिंह, सीकर
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चिकित्सा शिक्षा में सुधार जरूरी
चिकित्सा शिक्षा महंगी होने से चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच कठिन होती जा रही है। देश को अपने चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार करना होगा।
- अनोप भाम्बु, जोधपुर
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बीमार देश और हो रहा बीमार
देश के लोगों की स्वास्थ्य मानकता हेल्थ इंडेक्स पर महंगी चिकित्सा शिक्षा का नकारात्मक प्रभाव हो रहा है। कुल मिला कर मंहगी चिकित्सा शिक्षा से डॉक्टर बनने से भारतीय चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। चिकित्सा शिक्षा मंहगी होने से भारत बीमार हो रहा है। देश को अगर स्वस्थ भारत का निर्माण करना है तो सरकार को चिकित्सा शिक्षा को सस्ता करना ही होगा।
- राजेन्द्र आचार्य, भवानीमंडी
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योग्य लोग अवसरों में पीछे
चिकित्सा शिक्षा महंगी होने के कारण योग्यताएं पिछड़ रही हैं क्योंकि इसमें अलग-अलग कोटे में प्रवेश दिए जाते हैं । अयोग्य व्यक्ति भी पैसे दे करके सीट खरीद लेते हैं । जब लोग ज्ञान को बेचने के लिए तैयार होते हैं तो खरीदार भी होते हैं। चिकित्सा सीटों की बिक्री के कारण कमजोर वर्ग के योग्य व्यक्ति भी डॉक्टर नहीं बन पाते हैं। इसके अंदर आइआइटी की तरह किसी भी प्रकार का कोटा जैसे मैनेजमेंट, एनआरआइ, स्थानीय आदि का नहीं रखना चाहिए। केवल और केवल मेरिट ही इसकी योग्यता होनी चाहिए।
- डॉ. मंजू शर्मा, जयपुर
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चिकित्सा शिक्षा का बंदोबस्त ही महंगा
चिकित्सा शिक्षा के महंगा होने का एक बड़ा नुकसान ये हुआ है कि सरकारों के लाख प्रयासों के बावजूद भी नए बने डॉक्टर्स सरकारी सेवाओं को अनदेखा कर हमेशा विदेश की तरफ रुख करने में जुट जाते हैं। जो शेष रहते हैं वे अच्छे पैकेज के एवज में प्राइवेट हॉस्पिटल में सेवा देते हैं। एक तरह से वे अपनी महंगी पढ़ाई का खर्च निकालते हैं।
- अभय गौतम, कोटा
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सस्ती शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी
महंगी चिकित्सा शिक्षा विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। देश में अवसंरचनात्मक विकास नहीं होने के कारण चिकित्सा शिक्षा बहुत महंगी है। यही कारण है कि विद्यार्थी पढ़ाई के लिए विदेशों में जाने को मजबूर हैं क्योंकि वहां पर किफायती दरों पर डिग्री मिल रही है। हम सस्ती व सुलभ शिक्षा दे पाने में असफल रहे हैं। इसके लिए सरकार को नीतिगत सुधार करने होंगे।
- सुदेश बिश्नोई, श्रीगंगानगर
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स्वास्थ्य सेवाओं को तवज्जो नहीं
"पहला सुख निरोगी काया" कहावत यही सिद्ध करती है कि स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखना चाहिए। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के विस्तार हेतु अधिक चिकित्सकों की आवश्यकता है। कोरोना काल में हम सब यह समझ चुके हैं । कई बार विषम आर्थिक परिस्थितियों के कारण कुछ योग्य व प्रतिभावान विद्यार्थी चिकित्सा शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। अत: यह आवश्यक है कि सरकारें इस संदर्भ में सोचें एवं चिकित्सा शिक्षा को सुगम व सामान्य परिवारों की पहुंच में लेकर आएं। चिकित्सा शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोका जाना चाहिए।
- विद्या निधि त्रिवेदी, जयपुर
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महंगी शिक्षा पर लगे विराम
भारत में चिकित्सा शिक्षा महंगी होने की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की प्रतिभाएं अपने देश को छोड़ विदेशों में चिकित्सा महाविद्यालय तलाशती हैं। या फिर कुछ बच्चे विषय बदल देते हैं। यह एक बहुत बड़ी चुनौती है पालकों एवम् छात्रों के लिए। अनुपात ऐसा है कि हमारे यहां पचास लाख फीस है तो विदेश में बीस लाख। यूक्रेन और कजाकिस्तान के बच्चे युद्ध जैसी स्थिति के चलते पढ़ाई छोड़ कर आए, सभी ने देखा है। मंहगी शिक्षा पर अब विराम लगना चाहिए।
- वंदना गोपाल शर्मा, भाटापारा, छत्तीसगढ़
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मेधावी बच्चों की पहुंच से दूर
चिकित्सा शिक्षा महंगी होने के कारण होनहार, मेधावी बच्चों की पहुुंच से दूर हो गई। सरकारी मेडिकल कालेजों को छोड़ दें तो लगभग सभी प्राइवेट मेडिकल कालेजों में फीस के नाम पर अभिभावकों की जेबें खाली हो रही हैं। मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक बच्चे विदेशों का रुख कर रहे हैं।
- बिपिन चंद्र जोशी, बेंगलूरु
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ग्रामीण परिवेश के छात्रों पर ज्यादा असर
भारत में चिकित्सा की शिक्षा प्रणाली बेहद महंगी होती जा रही हैं जिसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। डॉक्टर बनने का उनका सपना अधूरा ही रह जाता है। सरकार की छात्रवृत्ति योजना में भी सरकार की निष्क्रियता साफ झलकती है। शिक्षा जितनी महंगी होगी, युवा पीढ़ी पर खतरे के बादल उतने ही अधिक मंडराने लग जाएंगे।
- सी.आर. प्रजापति, हरढ़ाणी, जोधपुर
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एक समान पढ़ाई लागू हो
देश में चिकित्सा शिक्षा महंगी होने से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के परिजनों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार को देश में एक जैसी समान शिक्षा व्यवस्था लागू करनी चाहिए। इससे छात्रों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
- आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़