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आपकी बातः सड़क किनारे लगे पौधों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?

पाठकों ने इस विषय पर विविध प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। प्रस्तुत हैं उनकी कुछ चुनिंदा प्रतिक्रियाएं...

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जयपुर

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Opinion Desk

Feb 15, 2026

पौधरोपण के बाद भी जरूरी है सतत देखभाल
पौधरोपण के प्रति लोगों में उत्साह तो बढ़ा है, लेकिन रोपण के बाद देखभाल में अक्सर ढिलाई दिखती है। सड़क किनारे लगाए गए पौधों पर शुरुआत में ही सुरक्षा कवच लगाना जरूरी है, ताकि वे सुरक्षित रूप से बढ़ सकें। वन विभाग के साथ नजदीकी गांवों की सामाजिक संस्थाओं को उनकी जिम्मेदारी दी जाए और नियमित निरीक्षण हो। आसपास पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। जब पौधे सुरक्षित रहेंगे और विकसित होंगे, तभी वे राहगीरों को छाया और फल देंगे तथा प्रकृति की सुंदरता बढ़ाएंगे। - उद्धव जोशी, उज्जैन

ट्री गार्ड और सख्त नियमों की जरूरत
हर पौधे के चारों ओर मजबूत ट्री गार्ड लगाए जाने चाहिए। लोहे के ट्री गार्ड अधिक टिकाऊ होते हैं, हालांकि बांस या लकड़ी के भी लगाए जा सकते हैं। बेसहारा पशुओं और वाहनों से बचाव के लिए यह जरूरी है। नियमित सिंचाई, खासकर गर्मियों में, अनिवार्य होनी चाहिए। ग्राम पंचायत और नगर पालिका संरक्षण के स्पष्ट नियम बनाएं और पौधों को नुकसान पहुंचाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। जब तक सख्ती और जिम्मेदारी तय नहीं होगी, हरियाली सुरक्षित नहीं रह पाएगी। - विकास, फलोदी

हाईवे पर पौधों की मजबूत घेराबंदी जरूरी
हाईवे पर राहगीरों को छाया देने के लिए लगाए गए पौधे अक्सर पशुओं का शिकार बन जाते हैं। गाय और अन्य जानवर उनकी पत्तियां खा लेते हैं, जिससे पौधे पनपने से पहले ही नष्ट हो जाते हैं। इसलिए हर पौधे के चारों ओर मजबूत लोहे की जाली लगाई जानी चाहिए। यह घेराबंदी पौधों को शुरुआती अवस्था में सुरक्षा देगी और उन्हें विकसित होने का अवसर मिलेगा। यदि शुरुआत में सावधानी बरती जाए, तो ये पेड़ भविष्य में पर्यावरण और यात्रियों दोनों के लिए लाभकारी साबित होंगे। - प्रियव्रत चारण, जोधपुर

सुरक्षा में प्रशासन और समाज दोनों की भूमिका
सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें स्थानीय नागरिकों की भी समान भागीदारी होनी चाहिए। पौधों के चारों ओर ट्री गार्ड या लोहे की जाली लगाई जाए। नियमित सिंचाई और खाद की व्यवस्था सुनिश्चित हो। पशुओं से बचाव के लिए घेराबंदी जरूरी है। साथ ही, निगरानी दल बनाए जाएं और नुकसान पहुंचाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। जब प्रशासन और समाज मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी हरियाली लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेगी। - अमृतलाल मारू, इन्दौर

पौधे हैं शहरों के जीवित प्रहरी
सड़क किनारे लगाए गए पौधे केवल सजावट नहीं, बल्कि शहरों के 'जीवित प्रहरी' हैं। वे प्रदूषण कम करते हैं और तापमान संतुलित रखते हैं। दुख की बात है कि देखरेख की कमी और पशुओं या वाहनों की वजह से कई पौधे शुरुआती दौर में ही नष्ट हो जाते हैं। हर पौधे पर मजबूत ट्री गार्ड लगाया जाए और नियमित सिंचाई की व्यवस्था हो। स्कूलों, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थानों को 'गोद लो एक पौधा' जैसे अभियान से जोड़ा जाए। यदि आज हम इनकी रक्षा करेंगे, तो कल यही पौधे शहरों को सुरक्षित और स्वस्थ बनाएंगे। - डॉ. दीपिका झंवर, जयपुर

खरखाव से पीछे न हटें एजेंसियां
सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा के लिए मजबूत ट्री गार्ड और नियमित सिंचाई जरूरी है। स्थानीय समुदाय की जिम्मेदारी तय की जाए और निगरानी तंत्र सक्रिय रखा जाए। पौधों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्ती होनी चाहिए। अक्सर सड़क निर्माण एजेंसियां पौधरोपण के बाद रखरखाव से पीछे हट जाती हैं, जबकि देखभाल ही सबसे अहम चरण है। यदि पौधे सुरक्षित रहेंगे, तभी हरियाली बचेगी और पर्यावरण संतुलित रहेगा। - राकेश खुडिया, श्री गंगानगर

स्थानीय प्रजातियां और नियमित देखभाल जरूरी
सड़कों के किनारे स्थानीय और मिट्टी के अनुकूल पौधे लगाए जाने चाहिए, ताकि उनकी वृद्धि बेहतर हो। समय-समय पर खाद, निराई-गुड़ाई और सिंचाई की व्यवस्था हो, विशेषकर शाम के समय पानी देना अधिक उपयुक्त रहता है। पशुओं से बचाव के लिए ट्री गार्ड लगाए जाएं। बड़े पौधों पर सफेद चूना और गेरू पोतने से वे रात में दिखाई देते हैं और कीटों से भी सुरक्षा मिलती है। शहरी क्षेत्रों में धूल हटाने के लिए पानी का छिड़काव भी किया जाना चाहिए। - विजय कुमार वर्मा, सीकर