
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीबों को सस्ता और सुलभ आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब इसे जमीन पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। यदि योजना केवल कागजों तक सीमित रह जाती है, तो जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिलना मुश्किल होगा। इसलिए जरूरी है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचे। - प्रियव्रत चारण, जोधपुर
सस्ते और सुलभ आवास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी और आसान होम लोन की सुविधा अहम है। यदि कमजोर और निम्न आय वर्ग को आर्थिक छूट और सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, तो वे भी अपना घर बनाने का सपना पूरा कर सकते हैं। इस दिशा में योजनाओं का सरल और व्यापक क्रियान्वयन आवश्यक है। - निर्मला वशिष्ठ, राजगढ़ (अलवर)
आवास एक मूलभूत आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में निर्माण लागत बढ़ने से सरकारी सहायता अपर्याप्त साबित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि को समय-समय पर बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता और सावधानी जरूरी है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिल सके। - ललित महालकरी, इंदौर
सस्ते आवास सुनिश्चित करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ानी होगी। किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जाए, भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो और निर्माण लागत कम करने के उपाय किए जाएं। इसके साथ ही, पात्र लोगों को आसान ऋण और सब्सिडी दी जाए, तभी हर व्यक्ति को सम्मानजनक आवास मिल सकेगा। - राकेश खुडिया, श्रीगंगानगर
बढ़ते शहरीकरण के बीच सस्ते आवास उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, खासकर प्रवासी श्रमिकों के लिए। राज्य सरकारों को खाली पड़ी जमीनों और अतिक्रमण-मुक्त क्षेत्रों में कम किराये पर आवास उपलब्ध कराने चाहिए। साथ ही, बिल्डरों को निम्न और मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। - हरिप्रसाद चौरसिया, देवास (मध्यप्रदेश)
सस्ते आवास के लिए सबसे जरूरी है कि पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें किफायती दरों पर भूमि और आसान ऋण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए नए आवास कल्याण कार्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। यदि भूमि और वित्तीय संसाधन सुलभ होंगे, तो अधिक लोग अपने घर बनाने के लिए आगे आएंगे। - सतीश उपाध्याय, मनेद्रगढ़ (छत्तीसगढ़)
रैन बसेरों के साथ-साथ आदिवासी और बेघर लोगों के लिए स्थायी आवास की व्यवस्था आवश्यक है। सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर ऐसे आवास विकसित करें, जहां लोग सुरक्षित जीवन जी सकें और रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकें। इससे वे सामाजिक और आर्थिक रूप से मुख्यधारा में जुड़ सकेंगे। - मुकेश सोनी, जयपुर
आवास परियोजनाओं में देरी कम करने के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू की जानी चाहिए, ताकि सभी मंजूरियां तेजी से मिल सकें। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में भूमि बैंक विकसित किए जाएं और सार्वजनिक भूमि को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाए। इससे आवास निर्माण की लागत घटेगी और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। - शिवजी लाल मीना, जयपुर
Updated on:
18 Mar 2026 03:14 pm
Published on:
18 Mar 2026 03:13 pm
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