
परीक्षा का भय दूर करें
बच्चों का दिमाग बहुत संवेदनशील होता है इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर ऊंचे अंकों का दबाव बनाने के बजाय उनकी मेहनत की सराहना करें। उनसे खुलकर बात करें ताकि उनका डर दूर हो सके। इसके साथ ही बच्चों की दिनचर्या में पढ़ाई के साथ-साथ पर्याप्त नींद, पौष्टिक आहार और थोड़े अंतराल के बीच संवाद का माहौल अत्यंत आवश्यक है। उन्हें यह एहसास दिलाना जरूरी है कि परीक्षा महज एक मूल्यांकन है, जो उनकी योग्यता का एकमात्र पैमाना नहीं है। बच्चों में परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए सबसे जरूरी है कि घर का माहौल खुशनुमा और सकारात्मक रखा जाए। - अमृतलाल मारू, इंदौर
पढ़ाई का शेड्यूल बनाएं
परीक्षा का तनाव कम करने के लिए पढ़ाई का एक स्पष्ट शेड्यूल बनाएं, जिसमे अध्ययन, विश्राम और रिवीजन का समय तय हो। शांत और सुविधाजनक स्थान पर पढ़ाई करें। नोट्स बनाना और बार-बार लिखने जैसी तकनीकों का उपयोग करें। टाइमर के साथ पढ़ाई करें और बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें। पढ़ाई में सहायक ऐप्स और ग्रुप स्टडी का सहारा लें। साथ ही पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त पानी पिएं, ताकि मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहें। - लिपिका लिखानिया, जोधपुर
बार-बार अभ्यास करें
बच्चों में परीक्षा के दौरान तनाव होना स्वाभाविक बात है। तनाव प्रबंधन के लिए बच्चों को नियमित प्राणायाम और योगा करना चाहिए। और समय सारणी बनाकर पढ़ना चाहिए। कठिन विषयों को ज्यादा समय देना चाहिए। नियमित अभ्यास करना, टॉपिक को पढ़ने के बाद टेस्ट देना चाहिए। मुख्य बिंदुओं और की-वर्ड्स के नोट्स बनाने चाहिए और बार-बार अभ्यास करना चाहिए। - दिनेश मेघवाल, उदयपुर
घर का महौल शांत रखें
परीक्षा के समय बच्चों के मन में तनाव बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि यह पूरे वर्ष की मेहनत का परिणाम होता है। ऐसे समय में उन पर किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं थोपनी चाहिए, जो उनकी पढ़ाई में बाधा बने। घर के पास शोर पर नियंत्रण से परीक्षार्थियों का तनाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। घर का वातावरण शांत, सहयोगपूर्ण व सकारात्मक बनाए रखें, ताकि वे एकाग्रता के साथ तैयारी कर सकें। - चंपालाल दुबे, भोपाल
परीक्षा से घबराएं नहीं शांत रहें
आज के समय में छोटी से बड़ी कक्षा तक के बच्चों में परीक्षा का तनाव देखने को मिलता है, और इसका असर अभिभावकों पर भी पड़ता है। इस तनाव को कम करने के लिए घर का माहौल खुशनुमा और सहयोगपूर्ण होना चाहिए। पढ़ाई के अलावा बच्चों से सामान्य बातचीत करें, उनके खान-पान और पूरी नींद का ध्यान रखें। परिवार के सदस्यों का भावनात्मक साथ बच्चों को आत्मविश्वास देता है। उन्हें समझाएं कि बिना घबराहट, शांत मन से पाठ्यक्रम पूरा करें। - निर्मला वशिष्ट, अजमेर
विद्यार्थी व शिक्षक का संवाद जरूरी है
संतुलित टाइम-टेबल बच्चों को पढ़ाई और आराम के बीच सही तालमेल बनाने में मदद करता है। घर और विद्यालय का सकारात्मक वातावरण बच्चों के मन से डर और दबाव को कम करता है। माता-पिता और अभिभावकों की यथार्थवादी अपेक्षाएं बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। पर्याप्त नींद और पौष्टिक आहार से उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। साथ ही, शिक्षक और बच्चों के बीच निरंतर मार्गदर्शन व संवाद परीक्षा तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। - सुरेश पालीवाल, चिङवाई
दूसरे बच्चों से तुलना न करें
पढ़ाई करने की समय-सारिणी बनाकर छोटे-छोटे अध्ययन एवं स्मरण लक्ष्य तय करें। बीच-बीच में विश्राम और खेल भी जरूरी है, हल्का व्यायाम या खेल तनाव घटाते हैं। रटने के बजाय समझकर कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर जोर दें। शिक्षक परीक्षा से पहले मार्गदर्शन सत्र रखें, डर-मुक्त वातावरण बनाएं। अभिभावक बच्चों की क्षमता के अनुसार ही अपेक्षा करें, तुलना, डांट या डराने से बचें। बच्चे की बात धैर्य से सुनें, भरोसा दिलाएं कि असफलता भी सीख का हिस्सा है। - डॉ. मुकेश भटनागर, भिलाई
बच्चों पर दबाव के बजाए विश्वास रखें
परीक्षा के दिनों में बच्चों पर दबाव नहीं, विश्वास जरूरी होता है। उन्हें यह भरोसा दें कि गलती सीखने का हिस्सा है। सही समय-प्रबंधन, नियमित पढ़ाई और आखिरी समय की घबराहट से दूरी तनाव घटाती है। पर्याप्त नींद, हल्का व्यायाम और मनपसंद गतिविधियां मानसिक संतुलन बनाए रखती हैं। परीक्षा के दिनों में परिवार का शांत, प्रेरक और समझदारी भरा व्यवहार ही सबसे बड़ा सहारा है। - इशिता पाण्डेय, कोटा
खेलकूद की गतिविधियां बढ़ाएं
शिक्षा के साथ बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। बैडमिंटन, स्विमिंग, किक्रेट, वॉलीबॉल, आदि से बच्चे स्ट्रांग बनते हैं। खेल में हार जीत होती रहती है। इससे उन्हें अहसास होगा कि जीवन में सफलता-असफलता दोनों की ही अपनी भूमिका होती है। उनमें इससे जीवन के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा। गलती होने पर डांट के बजाय गलतियों से सीखने और आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रेरित करें। - अक्षिता मांजू, पोकरण
स्वस्थ माहौल व सहयोग जरूरी
बच्चों में परीक्षा तनाव कम करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को अपेक्षाओं का दबाव घटाना होगा। परीक्षा बच्चों के लिए मूल्यांकन का माध्यम है, जीवन की अंतिम कसौटी नहीं। नियमित पढ़ाई की आदत, समयबद्ध अध्ययन और पर्याप्त विश्राम बच्चों को आत्मविश्वास देता है। तुलना और डर की बजाय प्रोत्साहन व सकारात्मक संवाद जरूरी है। योग, खेल और संगीत जैसी गतिविधियां मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं। यदि बच्चा अत्यधिक तनाव में हो, तो उसे समझना और जरूरत पड़ने पर परामर्श उपलब्ध कराना चाहिए। स्वस्थ माहौल और सहयोग ही बच्चों को बिना डर परीक्षा का सामना करने की ताकत देता है। - राकेश खुडिया, श्रीगंगानगर
Published on:
11 Jan 2026 05:22 pm
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