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पीवी सिंधु बर्थडे: बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय, जानिए उनके बारे में कुछ रोचक तथ्य

मात्र 17 साल की उम्र में सिंधु बैडिमिंटन की दुनिया के टॉप-20 खिलाड़ियों में शामिल हो गई थीं। बैडमिंटन में योगदान के लिए सिंधु को कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं।
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नई दिल्ली

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Mahendra Yadav

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Updated: 5 Jul 2021, 9:33 AM IST

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भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। 5 जुलाई, 1995 को हैदराबाद में जन्मी पीवी सिंधु ने कम उम्र में ही बैडिमिंटन जगत की बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल हो गई थीं। उन्होंने कम उम्र में ही कई रिकॉर्ड बनाए और बैडमिंटन को एक अलग पहचान दिलाई। सिंधु के माता—पिता भी खिलाड़ी रह चुके हैं। उनके पिता पीवी रमन्ना और पी विजया राष्ट्रीय स्तर तक वॉलीबॉल खेल चुके हैं। उनके पिता रमन्ना को तो अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।

17 की उम्र में विश्व की टॉप 20 खिलाड़ियों में
बैडमिंटन के दिग्गज पुलेला गोपीचंद पीवी सिंधु के आदर्श रहे हैं और उनके गुरु भी। सिंधु ने अपनी बैडमिंटन की ट्रेनिंग सिकंदराबाद में महबूब खान की देखरेख में शुरू की थी। बाद में वह गोपीचंद की अकादमी से जुड़ीं। वर्ष 2012 में पीवी सिंधु ने लंदन ओलंपिक चैंपियन ली जुरेई को हराया था। मात्र 17 साल की उम्र में सिंधु बैडिमिंटन की दुनिया के टॉप-20 खिलाड़ियों में शामिल हो गई थीं।

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वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीते मेडल
पीवी सिंधु ने 2013 में बैडमिंटन के वर्ल्ड चैंपियनशिन में ब्रॉन्ज मेडल जीता।ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। इसके बाद से वर्ष 2015 को छोड़कर उन्होंने 2019 तक हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीता। पीवी सिंधु ओलंपिक में भी मेडल जीत चुकी हैं। वर्ष 2016 के रियो ओलंपिक के फाइनल में उन्होंने स्पेन की कैरोलिना मारिन से हाराया और सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही वह बैडमिंटन में ओलंपिक का सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराया और गोल्ड मेडल जीता। सिंधु वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं।

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रिटायरमेंट के ट्वीट ने किया था हैरान
बैडमिंटन में योगदान के लिए सिंधु को कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। वर्ष 2013 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2015 में पद्मश्री, 2016 में खेल रत्न और 2020 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। पिछले वर्ष नवंबर माह में पीवी सिंधु ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था 'आई रिटायर'। इस ट्वीट ने सबको चौंका दिया था। हालांकि उन्होंने ट्विटर पर शेयर किए गए अपने नोट में लिखा था,'डेनमार्क ओपन आखिरी कड़ी थी। मैं संन्यास ले रही हूं।' मैं आज आपको लिख रहा हूं कि मेरा सफर अभी पूरा नहीं हुआ है। मैं आज के दौर की अशांति से संन्यास ले रही हूं, मैं नकारात्मकता, डर और अनिश्चितता से संन्यास ले रही हूं। मैं उस अज्ञात चीज से संन्यास ले रही हूं जिस पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है।'

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