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एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली स्वप्ना बर्मन ने बंगाल सरकार से की घर की मांग

स्वप्ना के पास कोलकाता में रहने के लिए स्थायी घर नहीं है। जलपाईगुड़ी जिले से तालुक रखने वाली स्वप्ना 2012 से यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के पूर्वी परिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग कर रही है।
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एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली स्वप्ना बर्मन ने बंगाल सरकार से की घर की मांग

नई दिल्ली। एशियाई खेलों में हेप्टाथलन का स्वर्ण पदक जीतने वाली स्वप्ना बर्मन ने पश्चिम बंगाल सरकार से शुक्रवार को शहर में एक घर देने की मांग की है। स्वप्ना के पास कोलकाता में रहने के लिए स्थायी घर नहीं है। जलपाईगुड़ी जिले से तालुक रखने वाली स्वप्ना 2012 से यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के पूर्वी परिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग कर रही है।

सरकार से की घर की मांग
स्वप्ना ने यहां संवाददाताओं से कहा, "मेरी एक ही इच्छा है कि मेरा साई कॉम्पलेक्स के पास एक घर हो। मुझे अभी साई कॉम्पलेक्स में रहना होता है लेकिन जब मेरी ट्रेनिंग नहीं होती तो मेरे पास रहने के लिए जगह नहीं है। अगर सरकार मुझे एक घर देती है तो मेरी बहुत मदद हो जाएगी।" इससे पहले, मुक्केबाज विजेंदर सिंह और भारतीय एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच बहादुर सिंह ने बंगाल सरकार से स्वप्ना के लिए घोषित ईनामी राशी बढ़ाने की मांग की थी।

स्वप्ना की हो सकती है सर्जरी
बता दें स्वप्ना बर्मन को पीठ की सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। स्वप्ना के कोच सुभाष सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सुभाष ने यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के सम्मान समारोह से इतर कहा, "सर्जरी से इनकार नहीं किया जा सकता। वह 2019 में किसी बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगी। उन्हें पहले पूरी तरह से ठीक होना है।" एशिया खेल शुरू होने से पहले स्वप्ना को दांत व मसूड़े और पीठ में दर्द की शिकायत थी। इसके बावजूद उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। वह शुक्रवार को शहर लौट आइर्ं जहां उनका भव्य स्वागत हुआ, लेकिन उन्हें बुखार था। 21 साल की स्वप्ना 2014 में इंचियोन एशियाई खेलों में भाग लेने के बाद से ही पीेठ की चोट से जूझ रही हैं। बता दें उनके पिता पंचानन बर्मन एक रिक्शा चालक हैं जबकि माता बासना देवी चाय बागान में काम करती है।