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विजेंदर के मुक्के अमुजु पर पड़े भारी, लगाया जीत का दस्सा

विजेंदर ने अपनी लगातार दसवीं जीत हासिल कर अपने डब्ल्यूबीओ एशिया पैसेफिक और ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट खिताबों का सफलतापूर्वक बचाव कर लिया।
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नई दिल्ली

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Lalit Sharma

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Updated: 23 Dec 2017, 11:07 PM IST

boxing

जयपुर . भारत के स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने अपना दबदबा कायम रखते हुए शनिवार को 'राजस्थान रम्बल में अफ्रीकी चैंपियन अर्नेस्ट अमुजु को सर्वसम्मत फैसले से 100-90, 100-90, 100-90 से ध्वस्त करते अपने प्रोफेशनल करियर का परफेक्ट 10 पूरा कर लिया। विजेंदर ने अपनी लगातार दसवीं जीत हासिल कर अपने डब्ल्यूबीओ एशिया पैसेफिक और ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट खिताबों का सफलतापूर्वक बचाव कर लिया। अफ्रीकी चैंपियन के तौर पर लाए गए अमुजु को अपने 26 मुकाबले में तीसरी हार का सामना करना पड़ा।

सिंह के करारे प्रहार पड़े विपक्षी पर भारी
विजेंदर ने बेहतर तकनीक और आक्रामकता का प्रदर्शन करते हुए खचाखच भरे स्टेडियम को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। दोनों मुक्केबाजों के बीच पहला राउंड शांत रहा। विजेंदर पहले राउंड में विपक्षी को तौलते रहे लेकिन दूसरे राउंड में अपनी रंगत में लौटते हुए उन्होंने विपक्षी पर कुछ करारे प्रहार किये। तीसरे राउंड में विजेंदर के कुछ पंच अमुजु पर ऐसे पड़े कि वह रक्षात्मक हो गए। चौथे राउंड में विजेंदर हावी हो गए लेकिन पांचवें राउंड में एक मिनट शेष रहते घाना के मुक्केबाज के एक प्रहार से विजेंदर के माथे पर कट आ गया और खून निकल आया लेकिन भारतीय मुक्केबाज पर इस का कोई असर नहीं पड़ा। छठे राउंड में विजेंदर ने अमुजु पर ताबड़तोड़ मुक्के बरसाते हुए उन्हें एक कौने में धकेल दिया।

बेबस नजर आए अमुजु
अमुजु अब कुछ बेबस दिखाई दे रहे थे और उनका स्टेमिना जवाब दे रहा था लेकिन वह मुकाबले में डटे हुए थे। सातवें राउंड में अमुजु ने भारतीय चैंपियन से दूरी बनाए रखी लेकिन अंतिम 15 सेकंड में विजेंदर ने बाएं और दाएं हाथ से तीन-चार पंच जड़ ही डाले। आठवें राउंड के आखिरी 30 सेकंड में में विजेंदर ने अमुजु को जैसे रगड़ डाला। पूरा स्टेडियम हर्षोल्लास से गूंज रहा था। नौवें राउंड में मुक्केबाजी अमुजु ने रेफरी से थोड़ा समय लेकर अपना दम वापस पाने कि कोशिश की लेकिन उनके पास अब कुछ नहीं बचा था। दसवें राउंड के समाप्त होते ही जीत की औपचारिकता पूरी हो गई और विजेंदर को विजेता घोषित किया गया। अमुजु के लिए राहत की बात यही रही कि वह नॉकऑउट नहीं हुए।