आतंकी संगठनों पर इमरान खान की पैनी नजर, रमजान में मिलने वाले चंदे को लेकर जारी किया निर्देश

आतंकी संगठनों पर इमरान खान की पैनी नजर, रमजान में मिलने वाले चंदे को लेकर जारी किया निर्देश

Anil Kumar | Publish: May, 05 2019 07:39:03 PM (IST) | Updated: May, 05 2019 08:35:28 PM (IST) पाकिस्तान

  • संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया है।
  • पाक गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित संगठनों को मिलने वाले दान पर नजर रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
  • पाकिस्तान में लोग हर साल अरबों डॉलर दान करते हैं।

इस्लामाबाद। संयुक्त राष्ट्र ( united nation ) से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ( Masood Azhar ) को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने के बाद से पाकिस्तान ( Pakistan ) घबराया हुआ है। लिहाजा आतंकियों को हमेशा बचाने और पालन-पोषण करने वाला पाकिस्तान अब आतंकवादियों और उनके आकाओं के खिलाफ कार्रवाई करने को मजबूर है। इसी कड़ी में अब प्रधानमंत्री इमरान खान ( Imran Khan ) ने सभी प्रांतीय सरकारों को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि रमजान ( Ramzan ) के मौके पर आतंकी संगठनों को मिलने वाले चंदे या दान पर प्रशासन पैनी नजर रखे। गृह मंत्रालय की ओर से साफ-साफ कहा गया है कि प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा को रमजान के महीने में मिलने वाले दान पर कड़ी नजर रखी जाए और इस दौरान चंदा जुटाने पर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए।

 

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प्रतिबंधित संगठनों को दान देना दंडनीय अपराध

पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठनों को लेकर कई कानून बनाए गए हैं। इसी में से एक है 1997 के आतंवाद निरोधक कानून। इस कानून के तहत किसी भी प्रतिबंधित संगठन को आर्थिक सहायता या दान देना दंडनीय अपराध है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि शनिवार को गृह मंत्रालय की ओर से सभी प्रांतीय सरकारों को आदेश जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि वे रमजान के मौके पर गैर कानूनी संगठनों को मिलने वाले जमात व खैरात पर कड़ी नजर रखें। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के 1997 के आतंकवाद निरोधक कानून और 1948 के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अधिनियम के मुताबिक किसी भी प्रतिबंधित संगठन को आर्थिक सहायता नहीं कराई जा सकती है। ऐसा करना एक दंडनीय अपराध है। यदि ऐसा कोई करता है और प्रमाणित हो जाता है तो उसे 5 से 10 साल तक की जेल हो सकती है। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में लोग हर साल औसतन 4.5 अरब डॉलर दान करते हैं। इनमें से सबसे अधिक रमजान के मौके पर लोग जकात या खैरात के तौर पर दान करते हैं।

 

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