Bihar politics लालू यादव ने तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया है। लालू के इस फैसले के एक महीने के बाद बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तेज प्रताप यादव के साथ वीडियो कॉल पर लंबी बातचीत कर उनका हाल चाल पूछा।
तेज प्रताप यादव और अखिलेश यादव के बीच वीडियो कॉल पर बात के बाद सरकारी आवास पर जनता दरबार को लेकर बिहार में सियासी पारा बढ़ गया है। पार्टी और परिवार से निकाले जाने के बाद तेजप्रताप यादव के एक्शन के बाद आरजेडी कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है।
आरजेडी के युवा विंग के प्रशिक्षण कार्यक्रम से ठीक पहले तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया X पर शेयर अपने जनता दरबार और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ वीडियो कॉल की बात को शेयर किया है। तेज प्रताप यादव के इस एक्शन को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक पंडित इसकी अपने अपने स्तर से व्याख्या कर रहे हैं।
तेज प्रताप यादव ने जनता दरबार को लेकर अपने सोशल मीडिया X पर लिखा- जनता का दरबार, जनसमस्याओं का सीधा समाधान,आपके बीच, आपकी आवाज बनने के लिए तत्पर। आइए साथ मिलकर रचें बिहार का नया अध्याय,सदैव आपके साथ ,सदैव बिहार के साथ। इसी प्रकार से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत का पोस्ट शेयर करते हुए लिखा 'आज मेरे परिवार के सबसे प्यारे सदस्यों में से एक यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव जी से वीडियो कॉल पर लंबी बात हुई। इस दौरान हम लोगों के बीच बिहार की राजनीतिक हालातों पर भी चर्चा हुई। अखिलेश जी हमेशा से ही मेरे दिल के काफी करीब रहे है और आज जब मेरा हालचाल लेने के लिए उनका अचानक से कॉल आया तो ऐसा लगा जैसे मैं अपनी इस लड़ाई में अकेला नही हूं।'
पूर्व मंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव 23 जून को कहा था कि सरकार मेरी सुरक्षा बढ़ा दे। 'मेरी जान को खतरा है। साजिश के तहत मुझे पार्टी से निकाला गया है।' न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए तेजप्रताप ने आगे कहा था कि 'लोगों ने मेरी निजी जिंदगी को लेकर उंगली उठाई, जिसे कोई बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर लोग हम पर ज्यादा दबाव डालेंगे, तो हम कोर्ट का सहारा लेंगे।'