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मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, समेत इन छह शहरों में बनेंगे हवाई अड्डे, नीतीश कैबिनेट में 20 एजेंडों पर लगी मुहर

Nitish Cabinet ने मंगलवार को बिहार के छह शहरों को उड़ान योजना से जोड़ने की अपनी स्वीकृति दी। इसके साथ ही पटना में फाइव स्टार होटल, शिक्षा विभाग की नियुक्ति नियमावली, एसएपी में बहाल 1717 पुलिसकर्मियों का अनुबंध अवधि बढ़ाने पर भी अपनी स्वीकृति दे दी।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो, आईपीआरडी)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो, आईपीआरडी)

Nitish Cabinet Meeting: नीतीश कैबिनेट ने मंगलवार को 20 प्रस्तावों पर अपनी स्वीकृति दे दी। जिसके तहत अब बिहार में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत मधुबनी, वीरगंज, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा में छह छोटे हवाई अड्डों का पुनर्विकास होगा। नीतीश कैबिनेट के इस फैसले को बिहार में हवाई संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

क्या है उड़ान योजना?

केंद्र सरकार की यह फ्लैगशिप योजना है, जिसका उद्देश्य है देश के छोटे और मंझोले शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ना। इसके साथ ही हवाई यात्रा को सुलभ और सस्ती बनाना। जिसका टैग लाइन है ‘उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान)'।

सरकार ने क्यों जोड़ा इन छह शहरों को

पर्यटन की दृष्टिकोण से बिहार के मधुबनी और वाल्मीकिनगर में असीम संभावनाएं हैं।
औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से मुजफ्फरपुर और मुंगेर को जोड़ा गया
कोसी और सीमांचल क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से सहरसा और वीरपुर को जोड़ा गया।

पटना में फाइव स्टार होटल के निर्माण को मिली मंजूरी

नीतीश कैबिनेट ने मंगलवार को पटना में पाटलिपुत्र अशोक के स्थान पर पीपीपी मॉडल के तहत फाइव स्टार होटल के निर्माण को स्वीकृति दी। एक निजी एजेंसी को इसके लिए कार्य भी आवंटित कर दिया गया है। सरकार ने कुमार इंफ्रा रेड इंटरप्राइजेज को 60 वर्षों के लीज पर लेटर ऑफ अवार्ड निर्गत करने की स्वीकृति दी है। लीज की अवधि को 30 वर्षो के लिए और बढ़ाया जा सकता है।

नियुक्ति नियमावली को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने शिक्षा विभाग के लाइब्रेरियन, लिपिक और परिचारियों की नियुक्ति के लिए तैयार नियमावली को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब लिपिकों की नियुक्ति करने की जिम्मेदारी कर्मचारी चयन आयोग को सौंप दी जा सकती है। लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जिम्मेदारी बीपीएससी को दी जा सकती है। लिपिकों के संभावित पदों की संख्या 1172 और परिचारियों के 1129 पदों पर नियुक्ति होने हैं।