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रुपये की बजाय रोल : एनडीए ने क्यों बदला पुराना फॉर्मूला?

एमपी की लाडली बहना, महाराष्ट्र की लड़की-बहिन और झारखंड की मइया सम्मान जैसी कैश ट्रांसफर योजना...हर चुनाव में बनी हैं गेम चेंजर। पर अब सिनारियो बदल रहा है।
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पटना

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Ashish Deep

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Updated: 9 Sep 2025, 2:26 PM IST

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ऐसी योजनाओं की घोषणा हो रही है, जो महिलाओं को संबल देंगी। (फोटो : ANI)

मध्य प्रदेश के 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले शिवराज सिंह चौहान सरकार ने 'लाडली बहना योजना' शुरू की, जिसने पूरे चुनावी नक्शे को बदल दिया। 'लड़की-बहिन योजना' के नाम पर ऐसा ही फॉर्मूला महाराष्ट्र में बीजेपी के काम आया। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की 'लक्ष्मी भंडार' हो या झारखंड में हेमंत सोरेन की 'मइया सम्मान योजना'… इन कैश ट्रांसफर स्कीमों ने हर दल को फायदा पहुंचाया है। लेकिन अब ट्रेंड कुछ बदल रहा है। जी हां, बिहार में अब एनडीए के घटक बीजेपी और जदयू ने नया दांव खेला है। जानकार बताते हैं कि यह दांव काम कर गया तो कैश ट्रांसफर योजना से कहीं ज्यादा मारक बन सकता है। इन योजनाओं का नाम है जीविका पहल और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना।

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