
Doomscrolling : आज के दौर में जब हम सुबह आंखें खोलते हैं, तो सबसे पहले हमारा हाथ स्मार्टफोन की ओर बढ़ता है। हम सोशल मीडिया ऐप्स खोलते हैं और स्क्रॉल करना शुरू करते हैं। अचानक हमें एक बुरी खबर दिखती है कहीं कोई युद्ध हो रहा है, कहीं प्राकृतिक आपदा आई है, या कहीं कोई बड़ी आर्थिक मंदी की आहट है। हम रुकते नहीं हैं, बल्कि और नीचे स्क्रॉल करते हैं। इस व्यवहार को मनोवैज्ञानिकों ने एक नाम दिया है डूमस्क्रॉलिंग' (Doomscrolling)। आइए जानते है डूमस्क्रॉलिंग कैसे हमारी जिंदगी पर असर डालता हैं।
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