
बच्चों की इन दवाओं पर सरकार का सख्त एक्शन (AI)
छोटे बच्चों में मौसम बदलते ही सर्दी, खांसी, जुकाम और बंद नाक की समस्या होना बेहद सामान्य है। अक्सर माता-पिता बिना डॉक्टर के बगैर परामर्श के मेडिकल स्टोर से ओवर-द-काउंटर (OTC) कफ सिरप या कोल्ड ड्रॉप्स खरीद लेते हैं। लेकिन यह आदत बच्चों की सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। नौनिहालों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है।
सरकार ने क्लोर्फेनिरामाइन मालेएट (Chlorpheniramine Maleate) और फिनाइलफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड (Phenylephrine Hydrochloride) के संयोजन वाली सभी फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं को 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना (S.O. 4595(E)) के तहत ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A का उपयोग करते हुए यह रोक लगाई गई है।
अनिवार्य चेतावनी: अब देश भर की सभी फार्मा कंपनियों को इन दवाओं के लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री पर स्पष्ट और बोल्ड अक्षरों में यह चेतावनी लिखनी होगी-
"Fixed Dose Combination shall not be used in children below four years of age." (यह फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों में उपयोग नहीं किया जाएगा।)
पूर्ण प्रभाव: इससे पहले कुछ चुनिंदा फॉर्मूलेशन पर ही सीमित प्रतिबंध था, लेकिन अब इस सॉल्ट संयोजन वाले सभी FDCs के निर्माण, बिक्री और वितरण पर व्यापक रूप से नियम लागू कर दिया गया है।
यह कड़ा निर्णय शीर्ष चिकित्सा वैज्ञानिकों और नियामक संस्थाओं की सिफारिशों के बाद लिया गया है।
विशेषज्ञ समितियों की रिपोर्ट: 'एक्सपर्ट कमेटी' और 'ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड' (DTAB) ने कई अध्ययनों के बाद पाया कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह कॉम्बिनेशन गैर-जरूरी और अत्यधिक जोखिम भरा है।
अविकसित अंग और मेटाबॉलिज्म: छोटे बच्चों का लिवर, किडनी और सेंट्रल नर्वस सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता। ऐसे में भारी एंटीहिस्टामाइन और डिकंजेस्टेंट का कॉम्बिनेशन उनके अंगों पर टॉक्सिक असर डालता है।
सुरक्षित विकल्पों की उपलब्धता: विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य सर्दी-खांसी के लिए सलाइन ड्रॉप्स, स्टीम और सिंगल-सॉल्ट वाली दवाएं अधिक सुरक्षित और असरदार हैं।
क्लोर्फेनिरामाइन और फिनाइलफ्रिन क्या हैं और बच्चों पर इनका क्या असर होता है?
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में घर में रखी पुरानी दवा या बड़े भाई-बहन का सिरप छोटे बच्चे को अंदाजे से पिलाने की प्रवृत्ति बेहद खतरनाक है।
चिकित्सा रिपोर्टों के अनुसार, क्लोर्फेनिरामाइन + फिनाइलफ्रिन + पैरासिटामोल के फॉर्मूलेशन को केवल आपातकालीन यानी SOS (जरूरत पड़ने पर) विकल्प के रूप में ही देखा जाना चाहिए, वह भी केवल बड़े बच्चों में और डॉक्टर की सीधी निगरानी के तहत। चार साल से छोटे बच्चों के लिए यह कॉम्बिनेशन पूरी तरह अनुचित है।
क्या करें:
क्या न करें:
यदि सर्दी-खांसी के साथ बच्चे में निम्नलिखित 'रेड फ्लैग' लक्षण दिखाई दें, तो घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं:
बच्चों की सुरक्षा हर स्वास्थ्य व्यवस्था की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। केंद्र सरकार की यह नई गाइडलाइन देश भर के माता-पिता, फार्मासिस्टों और डॉक्टरों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि हर हल्की खांसी-जुकाम में बच्चों को भारी कॉम्बिनेशन वाली दवाएं देना बंद किया जाए। जागरूकता और सही चिकित्सकीय सलाह ही नौनिहालों को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकती है।
Updated on:
30 Aug 2026 12:23 pm
Published on:
30 Aug 2026 12:23 pm
