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PIC : भीलवाड़ा का हर दसवां शख्स रोजाना खाता है कचौरी

हर दुकान का अपना स्वाद, चटनी के साथ लोग लेते हैं चटखारे50 हजार कचौरी रोजाना बनती है भीलवाड़ा में, पांच लाख आबादी शहर की7.50 लाख रुपए की प्रतिदिन कचौरी खा जाते हैं लोग

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भीलवाड़ा का हर दसवां शख्स रोजाना खाता है कचौरी

भीलवाड़ा का हर दसवां शख्स रोजाना खाता है कचौरी

कचौरी लाल मीठी चटनी और हरी तीखी चटनी के साथ ऊपर से दही डालकर परोसी जाती है।

कचौरी लाल मीठी चटनी और हरी तीखी चटनी के साथ ऊपर से दही डालकर परोसी जाती है।

50 हजार कचौरी रोजाना बनती है भीलवाड़ा में, पांच लाख आबादी शहर की

50 हजार कचौरी रोजाना बनती है भीलवाड़ा में, पांच लाख आबादी शहर की

हर दुकान का अपना स्वाद, चटनी के साथ लोग लेते हैं चटखारे

हर दुकान का अपना स्वाद, चटनी के साथ लोग लेते हैं चटखारे

शहर में दही, कढ़ी, चटनी, नवरतन व लहसुन की चटनी के साथ कचौरी खाई जाती है। कम मिर्च के मिर्ची बडे भी काफी पंसद किए जाते हैं।

शहर में दही, कढ़ी, चटनी, नवरतन व लहसुन की चटनी के साथ कचौरी खाई जाती है। कम मिर्च के मिर्ची बडे भी काफी पंसद किए जाते हैं।

कचौरी के लिए गरमागरम चटनी तैयार करते हुए

कचौरी के लिए गरमागरम चटनी तैयार करते हुए

बदले मौसम में गर्म कचौरी का बाजार भी चढ़ रहा है। कई व्यापारियों के यहां कड़ाई में कचौरी पकते ही पल भर में समाप्त हो जाती है। कचौरियों को चटकारे लेकर खाते हुए।

बदले मौसम में गर्म कचौरी का बाजार भी चढ़ रहा है। कई व्यापारियों के यहां कड़ाई में कचौरी पकते ही पल भर में समाप्त हो जाती है। कचौरियों को चटकारे लेकर खाते हुए।