6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तीन चीजों के त्याग से बना है तीज का त्योहार, इसलिए महिलाएं लगाती हैं हाथों में मेंहदी

हरियाली तीज में महिलाएं अपने पति की सलामती की प्रार्थना करती हैं

3 min read
Google source verification
hariyali teej

पूरे देश में हरियाली तीज का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। महिलाएं सोलह श्रृंगारकर माता पार्वती और शिव की आराधना कर रही हैं। उनके हाथों में मेंहदी सजी हुई है। मगर क्या आपको पता है इस दिन महिलाएं मेंहदी क्यों लगाती हैं और इसके बिना पूजा क्यों अधूरी रहती है।

hariyali teej

हरियाली तीज को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं इस पर्व में अपने पति की सलामती के लिए व्रत रखती हैं। इसमें शिव और पार्वती की पूजा की जाती है। इस बार तीज के सावन के सोमवार में पड़ने से इसका महत्व और भी ज्यादा हो गया है।

hariyali teej

इस व्रत को तीज के नाम से भी जाना जाता है। इसका मतलब यह है कि इस व्रत में तीन चोजों के त्याग का प्रण लिया जाता है। इसके तहत महिलाएं कसम खाती हं कि वो कभी भी अपने पति से छल कपट नहीं करेंगी। दूसरा ये कि वो कभी पति से झूठ नहीं बोलेंगी और लड़ाई नहीं करेंगी। वहीं तीसरी कसम ये है कि महिलाएं किसी दूसरे की बुराई नहीं करेंगी।

hariyali teej

तीज पर हाथों में मेंहदी लगाने को बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि जिस भी महिला के हाथों में लगी मेंहदी का रंग गहरा चढ़ता है, उसका पति उससे उतना ही प्यार करता है। इसके अलावा ऐसी स्त्रियों को अच्छी सास भी मिलती हैं। जिनके साथ उनका तालमेल अच्छा रहता है।

hariyali teej

इस व्रत में मेंहदी का इसलिए भी बहुत महत्व है क्योंकि इसे सोलह श्रृंगार में सबसे महत्वूपर्ण माना जाता है। ये विवाहित स्त्रियों के सुहाग का प्रतीक होता है। वहीं कुंवारी कन्याएं इसे अपने हाथ में रचाकर माता पार्वती से अच्छे पति की कामना करती हैं।

hariyali teej

पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार तीज पर मेंहदी लगाने की परंपरा की शुरुआत स्वयं देवी पार्वती ने की थी। दरअसल वो भोलेनाथ को रिझाना चाहती थीं, जिसकी वजह से उन्होंने अपने हाथों और पैरों में मेंहदी लगाई थी। तब से महिलाएं इस व्रत में मेंहदी लगाने लगीं।

hariyali teej

हाथों में मेंहदी लगाने को सौभाग्य और सम्पन्ता की निशानी माना जाता है। मान्यता है कि मेंहदी का रंग अच्छा चढ़ने से घर में खुशहाली आती है। इससे पति की तरक्की होती है और उनका वैवाहिक जीवन मधुर बनता है।

hariyali teej

हरियाली तीज पर मेंहदी लगाने का एक वैज्ञानिक कारण भी है। चूंकि मेंहदी की तासीर ठंडी होती है इसलिए इसे लगाने से शरीर और मन शांत होता है। ये बॉडी की हीट को कम करने में मदद करता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल चीजें संक्रामक रोगों से बचाती हैं।

hariyali teej

इस बार हरियाली तीज सावन के सोमवार को पड़ा है। ऐसा संयोग करीब 130 सालों बाद बना है। सोमवार के दिन तीज के पड़ने को अत्यन्त फलदायी माना जाता है। कहते हैं कि ऐसे समय सच्चे दिल से की गई प्रार्थना जरूर स्वीकार होती है।

hariyali teej

यूं तो आजकल मार्केट में मेंहदी लगाने के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं मगर समय की कमी के चलते इन दिनों मेंहदी के टैटूज भी चलन में हैं। लोग इसका काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं आॅरिजनल मेंहदी लगाने के लिए आजकल राजस्थानी और मारवाड़ी डिजाइन ट्रेंड मे है।