
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है जिसके तहत घर में मेहमानों, नाते—रिश्तेदारों का आना—जाना लगा ही रहता है।हमारी संस्कृति में अतिथि को भगवान का दर्जा दिया जाता है। घर में लोगों के आवागमन को शुभ माना जाता है लेकिन आपको बता दें कि कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो नकारात्मकता से घिरे रहते हैं। ऐसे लोगों का घर में प्रवेश अशुभ माना जाता है। कुछ इस प्रकार के लोगों का जिक्र आज हम आपके सामने करेंगे जिनके घर में प्रवेश करने से हमारे निवास स्थल के वातावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

इनमें सबसे पहले आते हैं आलसी प्रवृति के लोग जो हमेशा भाग्य के भरोसे टिके रहते हैं। इनका कर्म पर विश्वास नहीं होता है। ऐसे लोग हमेशा अपने भाग्य का रोना रोते रहते हैं। इनके घर में आने से घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो परिस्थितियों से सामंजस्य नहीं बिठा पाते हैं। ये लोग छोटी—छोटी बात पर दूसरे से झगड़ने लगते हैं। ऐसे लोग हमेशा विवादों से घिरे रहते हैं। इनके घर में आने से आपके और आपके परिवार के सदस्य खतरे में पड़ सकते हैं।

कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जरूरत से ज्यादा खाते हैं। ये लोग आलसी किस्म के होते हैं और हर कार्य के लिए अपने परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहते हैं। इस किस्म के लोग अपनी जिम्मेदारी से हमेशा मूकर जाते हैं। ऐसे लोग घर में न आए इसी में भलाई है।

हममें से बहुत से लोग ऐसेभी होते हैं जो उटपटांग कपड़े पहनते हैं। इनके घर में रहने से परिवार के सदस्य अहसहज महसूस करते हैं। ऐसे लोग अपनी वेशभूषा से समाज में आपके परिवार की मर्यादा को ठेस पहुंचा सकते हैं। इस प्रकार के लोग घर में न आए तो ही भला है।

हममें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें किसी भी देश या फिर स्थान का कोई ज्ञान नहीं होता है। ऐसे में अकसर ये लोग खुद के साथ—साथ जिनके यहां जा रहे हैं उन्हें भी मुसीबत में डाल सकते हैं। बेहतर है कि ये घर पर न आएं

आजकल अधिकतर लोग चालाक या धूर्त प्रवृति के होते हैं। हमारे जान—पहचान या फिर रिश्तेदारों में भी कुछ ऐसे लोग अवश्य होंगे। ऐसे लोग दो प्रकार से आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक तो ये अपने झांसे का शिकार आपको बना सकते हैं। दूसरा ये कि इनसे पीड़ित व्यक्ति भी गुस्से में आकर आपको अपना टार्गेट बना सकते हैं। ये लोग बड़े ही चालाक किस्म के होते हैं।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सामान्य बातों पर लोगों पर हाथ उठाते हैं। मार—पीट करते हैं। ऐसे लोगों के दुश्मनों की संख्या भी बहुत होती है। ऐसे लोगों को घर में ठहराने से आप कभी भी मुसीबत में पड़ सकते हैं।

ऐसे लोगों की संख्या में कमीं नहीं है जो बिना किसी आधार के बातों को मानते हैं और कभी—कभी अपनी बातों से आपको भी उन्हें मानने पर विवश करते हैं। अंधविश्वासी प्रवृति के ये लोग घर पर न पधारें इसी में घर की शान्ति बरकरार है।

साफ—सफाई रखना अच्छी बात है लेकिन कुछ लोगों को इनकी बीमारी रहती है। बात—बात पर हाथ धोना, पानी का बेवजह इस्तेमाल करना,सफाई के नाम पर छुआछूत करना, ऐसे लोगों के बीच एक दिन भी रहना काफी मुश्किल हो जाता है।

रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी मिल जाते हैं जो बात—बात पर अपनी धौंस जमाते हैं या फिर अपनी बात को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इनसे सामान्य बातचीत भी तर्क का रूप धारण कर लेती है और कभी—कभार ये एक बहस का रूप लेकर झगड़े या फिर मार—पीट तक पहुंच जाती है।