4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां सजनी भरती है अपने साजन की मांग, जानें इस अनोखी शादी से जुड़ी 10 बातें

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में निभाई जाती है ये अनूठी रस्म

3 min read
Google source verification
mang bharna

मांग में सिंदूर भरना सुहागिनों की निशानी होती है। शादी में पति के हाथों भरा जाने वाला ये सिंदूर स्त्री के गौरव का प्रतीक माना जाता है, लेकिन देश में एक ऐसी भी जगह है जहां सिर्फ दुल्हन ही नहीं बल्कि दूल्हे भी अपनी मांग भरते हैं और चौंकाने वाली बात तो यह है कि इसमें पत्नी ही अपने पति की मांग भरती है।

mang bharna

ये रस्म छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में निभाई जाती है। इसके तहत दूल्हा भी दुल्हन की तरह सज—धज कर मंडप आता है। जिसमें दुल्हन—दूल्हे की मांग में सिंदूर लगाती है।

mang bharna

स्थानीय लोगों के अनुसार इस रीति से वैवाहिक रिश्तों में बराबरी का अहसास होता है। साथ ही इससे पति—पत्नी के बीच संबंध मधुर बनते हैं। इस रिवाज को सिंदूर दान भी कहा जाता है।

mang bharna

बताया जाता है कि मांग में भरे जाने वाले इस सिंदूर को खरीदने के लिए शादी से एक दिन पहले वर-वधु पक्ष साथ बाजार जाते हैं। उनके लिए सिंदूर से ही विवाह के दिन रस्म निभाई जाती है।

mang bharna

सिंदूर भरने की यह रस्म गुप्त तरीके से निभाई जाती है। इसमें केवल दूल्हा-दुल्हन, उनके परिवार, पुरोहित और गांव के कुछ बड़े बुजुर्ग ही मौजूद रहते हैं। माना जाता है कि इस रस्म को निभाने से दूल्हा—दुल्हन के रिश्ते मजबूत होते हैं और वो सात जन्मों के लिए एक—दूसरे के हो जाते हैं।

mang bharna

ये रस्म चादर के घेरे में निभाई जाती है। इसमें दुल्हन अपने हाथ पीछे करके दूल्हे की मांग भरती है। वहीं दूल्हा भी उसी समय लड़की की मांग भरता है। ये प्रक्रिया दोनों तीन—तीन बार करते हैं।

mang bharna

मांग भरने की इस रस्म को निभाए जाने से पहले दूल्हे एवं घरवालों को दुल्हन के घर के पास बने एक बगीचे में आमंत्रण का इंतजार करना होता है। इसके तहत लड़की वाले उन्हें विवाह स्थल तक ले जाने के लिए आते हैं।

mang bharna

जब लड़की के घरवाले दूल्हे को ले जाने के लिए आते हैं तो वे लड़के को अपने कंधों पर उठाकर ले जाते हैं। आमतौर पर ये काम दुल्हन का भाई करता है। यदि लड़की का कोई भाई नहीं होता है तो ये रिवाज उसके चचेरे भाई एवं अन्य रिश्तेदार निभाते हैं।

mang bharna

दूल्हे के मंडप पहुंचने के बाद दुल्हन को वहां लाया जाता है। इसमें लड़की का भाई अपनी बहन की उंगली पकड़ता है औऱ तब दुल्हन बिना अपने भाई के सहारे के पीछे हाथ कर दूल्हे के मांग में सिंदूर लगाती है। अगर लड़की का भाई नहीं होता है तो इस रस्म को उसकी बहनें पूरा कराती हैं।

mang bharna

दूसरे समुदायों की शादी की तरह इनमें भी मंगल मंत्र पढ़े जाते हैं, बारातियों का स्वागत किया जाता है एवं सारी अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं। मगर ये अपने अनूठे परंपरा के चलते लोगों में छाया हुआ है।