31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लाठीचार्ज के बाद अब आर-पार की लड़ाई के मूड में भाजपा, सड़क से लेकर विधानसभा तक संग्राम की तैयारी

Bihar Politics: माना जा रहा है कि लाठीचार्ज के दौरान भाजपा नेता की मौत के बाद पार्टी आक्रामक रुख अख्तियार कर सकती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी भी खासे आक्रामक हैं, जो सीएम नीतीश कुमार की ही बिरादरी के हैं।

2 min read
Google source verification

पटना

image

Prashant Tiwari

Jul 14, 2023

 After the lathicharge, BJP is now in the mood for an all-out fight


बिहार में शिक्षक भर्ती में छूट के मुद्दे पर विरोध कर रहे भाजपा नेताओं पर गुरुवार को जिस तरीके से लाठीचार्ज हुआ। इसके बाद पार्टी अब पूरे तरीके से आर-पार के मूड में आ गई है। भाजपा अब तेजस्वी यादव का नाम लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में सीबीआई की चार्जशीट में आ गया है। इस पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू चुप्पी साधे हुए है। इस तरह गठबंधन सरकार के दो बड़े दल एक-एक मुद्दे पर घिरे हैं और एक-दूसरे से असहमत होते हुए भी चुप हैं। वहीं पार्टी अब दोनों ही मुद्दों पर महागठबंधन की सरकार के खिलाफ जोर शोर से धरना प्रदर्शन करने में जुटी है।

भाजपा नेता के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़

पटना में लाठी चार्ज के दौरान उसके नेता विजय कुमार सिंह की मौत हो गई। विजय कुमार सिंह भाजपा की जहानाबाद इकाई के महामंत्री थे। इसके बाद से संग्राम और बढ़ने की आशंका है। शुक्रवार को विजय कुमार सिंह की जहानाबाद में जब शव यात्रा निकली तो बड़ा हुजूम था। भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ ही जनता भी बड़ी संख्या में मौजूद रही।

सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सड़कों पर उतरेगी पार्टी

माना जा रहा है कि लाठीचार्ज के दौरान भाजपा नेता की मौत के बाद पार्टी आक्रामक रुख अख्तियार कर सकती है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी भी खासे आक्रामक हैं, जो सीएम नीतीश कुमार की ही बिरादरी के हैं। कहा जात है कि उन्हें भाजपा ने इसीलिए प्रमोट किया है ताकि गैर-यादव ओबीसी वर्ग की मजबूत बिरादरी कुर्मी को साधा जा सके। एक तरफ सामाजिक समीकरण और दूसरी तरफ भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर परसेप्शन की लड़ाई में भाजपा बढ़त बनाती दिख रही है।

पहले साधे समीकरण, अब सड़कों पर संग्राम की तैयारी

भाजपा के रणनीतिकारों को लगता है कि 2024 की चुनावी लड़ाई में अब सड़क पर उतरना बाकी है। चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं को साधकर भाजपा ने एक सामाजिक गुलदस्ता तैयार कर लिया है, लेकिन अब जमीन पर हवा बनाना चाहती है। इसीलिए तेजस्वी यादव का चार्जशीट में नाम आने के बहाने वह सड़क की सियासत पर खुद को मजबूत कर रही है। गुरुवार को जिस तरह से भाजपा के आंदोलन पर ऐक्शन हुआ और फिर विजय कुमार की मौत हो गई। उससे इसे और हवा मिल गई है।

ये भी पढ़ें: UCC के मुद्दे पर केंद्र को मिला केरल के राज्यपाल का साथ, बोले- यूसीसी से मुसलमानों को फायदा होगा

Story Loader