
दिल्ली सेवा बिल के मुद्दे पर केंद्र सरकार को समर्थन देने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम ने बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस को घेरा है। पूर्व वित्त मंत्री ने बुधवार को बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस से पूछा है कि उन्हें इस बिल में क्या अच्छा लगा? चिदंबरम ने दोनों पार्टियों को टैग करके एक ट्वीट में एक के बाद एक कई सवाल पूछे हैं।
आप दोनों को बिल में क्या अच्छा लगा?
बीजद और YSR को घेरते हुए पी चिदंबरम ने उनसे पूछा कि मैं दिल्ली सेवा प्राधिकरण विधेयक का समर्थन करने वाले भाजपा सांसदों को समझ सकता हूं, लेकिन मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि बीजेडी और वाईएसआरसीपी पार्टियों को विधेयक में क्या चीज अच्छी लगी? क्या दोनों दलों (ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रूलिंग पार्टी) को 3 सदस्यीय प्राधिकरण में यह ठीक लग रहा है, जहां मुख्यमंत्री केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त दो अधिकारियों के मुकाबले सिर्फ एक होगा?
क्या उन्हें उस प्रावधान में अच्छाई दिख रही है जहां दो अधिकारी फोरम का गठन कर सकते हैं और बैठक आयोजित कर सकते हैं और मुख्यमंत्री की भागीदारी के बिना निर्णय ले सकते हैं?"
[typography_font:14pt]अधिकारी मालिक और मंत्री नौकर होंगे!
पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार के नियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्हें उस प्रावधान में अच्छाई दिख रही है जो केंद्र सरकार को दिल्ली सरकार के मंत्रियों को छोड़कर दिल्ली सरकार में काम करने वाले अधिकारियों की शक्तियों और कर्तव्यों को परिभाषित करने का अधिकार देता है? क्या दोनों पार्टियों को यह एहसास हो गया है कि यदि विधेयक पारित हो गया तो अधिकारी मालिक होंगे और मंत्री अधीनस्थ होंगे ?"
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मुख्यमंत्री तुरंत पद छोड़े
वहीं, मणिपुर के हालात पर चिंता जताते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मणिपुर सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के अभियोग को दिल्ली में पीएमओ और इंफाल में सीएमओ तक पहुंचने में कितना समय लगेगा? अगर मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह में संवैधानिक नैतिकता की थोड़ी भी समझ है, तो उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए।
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Published on:
02 Aug 2023 12:26 pm

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