
पुलिस एक्ट में संशोधन किसी के खिलाफ नहीं।
नई दिल्ली। केरल पुलिस अधिनियम में संशोधन के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री पी विजयन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केरल पुलिस एक्ट में संशोधन किसी भी स्तर पर फ्री स्पीच और निष्पक्ष मीडिया के खिलाफ नहीं है। बल्कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पुलिस कानून में रहकर ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर पाएगी।
कानून के दायरे में रहना सभी के लिए जरूरी
सीएम पी विजयन ने कहा है कि केरल पुलिस अधिनियम में नया संशोधन का उपयोग निष्पक्ष मीडिया गतिविधि के खिलाफ नहीं होगा। निष्पक्ष और कानून सम्मत आलोचना के लिए मीडिया सहित सभी संगठन व व्यक्ति स्वतंत्र हैं। लेकिन आलोचना संविधान और कानूनी व्यवस्था की सीमा के भीतर ही होनी चाहिए। अगर आप कानून के दायरे में रहकर किसी की आलोचना करते हैं तो आपको किसी से डरने की जरूरत नहीं है। तटस्थ आलोचना की आजादी की पूरी छूट संशोधित पुलिस अधिनियम में है।
उन्होंने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता के अलावा सरकार की जिम्मेदारी ये भी है कि वो संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सम्मान की भी रक्षा करे। इस बात का ख्याल रखना सभी के लिए जरूरी है।
Updated on:
22 Nov 2020 03:04 pm
Published on:
22 Nov 2020 02:59 pm

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