
कोरोना काल में सरकार ने घर बिठाए चेयरमैन व उप चेयरमैन
जींद/चंडीगढ़. कोरोना के कारण वित्तीय संकट झेल रही हरियाणा सरकार ने ऐसे एक दर्जन से अधिक बोर्ड व निगमों के चेयरमैन, उपचेयरमैन तथा निदेशकों को घर बिठा दिया है जो पिछले आदेशों के आधार पर ही सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे। सरकार के इस फैसले से हर माह लाखों रुपए की बचत होगी।
मनोहर सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान कई बोर्ड व निगमों में चेयरमैन, उपचेयरमैन, निदेशक आदि नियुक्त किए थे। पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन सभी प्रतिनिधियों से इस्तीफे ले लिए थे, परंतु किसी को भी फारिग नहीं किया गया था। इन मौखिक इस्तीफों के बाद ज्यादातर चेयरमैन, उपचेयरमैन तथा निदेशक के पदों पर तैनात प्रतिनिधि काम करते रहे।
आर्थिक संकट आया तो सरकार को आई याद
दूसरी बार मनोहर सरकार सत्ता में आई और इन नेताओं में से ज्यादातर ने न तो सरकारी गाडिय़ां छोड़ी और न ही स्टाफ को फारिग किया। सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री ने कुछेक विभागों में दोबारा नियुक्तियां कर दी। अन्य विभागों में इस्तीफे के बावजूद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन सक्रिय रहे। अब कोरोना के चलते हरियाणा सरकार का वित्तीय संकट लगातार बढ़ रहा है।
ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा उन सभी चेयरमैन, उपचेयरमैन तथा निदेशकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जिनसे चुनाव के समय इस्तीफे तो लिए गए थे, लेकिन उस समय उन्हें लागू नहीं किया गया था। अब सरकार द्वारा ऐसे सभी जनप्रनिधियों से सुविधाएं भी वापस ली जा रही हैं, जो पिछले कई माह से सरकारी खजाने पर बोझ बने हुए थे।
Published on:
03 May 2020 07:34 pm
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