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उपेन्द्र कुशवाहा ने बयां किया अपना दर्द, कहा- मैं तो एनडीए में हूं, लेकिन मुझे बाहर धकेला जा रहा

रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने आखिरकार अपना दर्द बयां कर ही दिया।

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उपेन्द्र कुशवाहा ने बयां किया अपना दर्द, कहा- मैं तो एनडीए में हूं, लेकिन मुझे बाहर धकेला जा रहा

नई दिल्ली। बिहार में एनडीए में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। रालोसपा ने खुलकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। चर्चा यहां तक है कि रालोसपा को एनडीए से बाहर का रास्ता तक दिखाया जा सकता है। वहीं, एक बार फिर कुशवाहा ने बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है। रालोसपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं तो एनडीए में ही हूं, लेकिन मुझे बाहर धकेला जा रहा है।

कुशवाहा ने बयां किया दर्द

कुशवाहा ने कहा कि जिस तरह मेरे साथ किया जा रहा है, यह किसी भी पार्टी के लिए भारी अपमान की बात है। मैंने दो बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने की कोशिश, लेकिन व्यस्त होने के कारण उन्होंने मुलाकात नहीं की। कुशवाहा ने कहा कि अब मेरे पास केवल पीएम मोदी से मिलने का ही विकल्प बचा है। कुशवाहा ने कहा कि तीन दिनों के भीतर पीएम से मिलने का समय मांगा है, उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। उन्होंने कहा कि अगर हम पीएम मोदी से मिलते हैं, तो देखते हैं कि क्या पारदर्शी है? इसके बाद ही मेरी पार्टी 4 और 5 दिसंबर को बैठक आयोजित कर इस बारे में फैसला करेगी कि आगे क्या करना है?

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद स्पष्ट होगा रुख

गौरतलब है कि रविवार को भी कुशवाहा ने कहा था कि हम आज भी चाहते हैं कि पीएम प्रधानमंत्री मोदी रहें। कुछ लोग हैं जो मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना नहीं चाह रहे हैं और वे ही मतभेद पैदा करने का काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं कहा लेकिन उनका इशारा जदूय की ओर ही था। क्योंकि, जदूय और रालोसपा के बीच पिछले कुछ समय से जुबानी जंग जारी है। दोनों खुलकर एक-दूसरे का विरोध कर हैं। साथ ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं।

आपको बता दें कि भाजपा और जदयू ने पहले ही बिहार में बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। वहीं, लोजपा को जितनी सीटें चाहिए वो मिल रही है। लेकिन, रालोसपा को कम सीटें दी जा रही है। जिसके कारण विरोध शुरू हुआ था और मामला इतने आगे निकल गया।