केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ( LJP leader ram vilas paswan ) ने दिल्ली में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही बात। लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ( LJP Chief Chirag paswan ) के हर फैसले पर बेटे के साथ हैं रामविलास। कहा- खुद ( union minister ram vilas paswan ) को नहीं बल्कि अब बेटे ( Ljp leader chirag paswan ) को मंत्री बनते देखना चाहता हूं।
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी ( लोजपा ) के संरक्षक राम विलास पासवान ( union minister ram vilas paswan ) ने गुरुवार को राजधानी में एक पत्रकार वार्ता की। इस दौरान पासवान ( Ram Vilas Paswan ) ने कहा कि बतौर लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान पार्टी ( Ljp leader chirag paswan ) के लिए कोई भी फैसला लेने को आजाद हैं। इस मामले में वह कोई हस्तक्षेप नहीं करते हैं। वह चाहते हैं कि उनका बेटा मंत्री बने।
यों तो पासवान आमतौर पर इस तरह के बयान पर देते रहे हैं। हालांकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक के तौर पर लोजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच हाल ही में आई कड़वाहट को देखते हुए केंद्रीय मंत्री का यह बयान कई बड़े सवाल खड़ा करता है।
पासवान के इस बयान से विशेषरूप से बिहार विधानसभा चुनाव के पहले तो कुछ नजर आता ही है। इसकी वजह यह है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ( LJP Chief Chirag paswan ) के बीच तल्खी से राजग में लोजपा के बने रहने को लेकर कई प्रश्न खड़े होने लगे हैं।
रामविलास पासवान ( LJP leader ram vilas paswan ) ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान बिहार को लेकर हुई कयासबाजी को लेकर पूछे गए एक सवाल पर सीधा जवाब दिया कि पार्टी के मामले में बतौर अध्यक्ष चिराग पासवान फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। केंद्रीय मंत्री ने तो इस दौरान यहां तक कह दिया कि चिराग पासवान जो भी फैसला लेंगे, वह उनके साथ होंगे।
इससे पहले रामविलास पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के तौर पर उनकी प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री के प्रति है। पासवान ने कहा कि वह आजतक सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते आए हैं। कोरोना वायरस महामारी के काल में केंद्र सरकार देश के 81 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज बांट रही है। उन्होंने बताया कि इसके चलते आज ये 81 करोड़ गरीब जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त अनाज वितरण को पांच महीने आगे बढ़ाते हुए नवंबर तक के लिए लागू कर दिया है।
राजग से लोजपा के अलग होने की कयासबाजी को लेकर उनके मंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर पासवान ने अपने पुत्रमोह का खुलकर इजहार किया। पासवान ने कहा कि वह खुद मंत्री नहीं बल्कि चिराग पासवान को मंत्री के रूप में देखना चाहते थे। गौरतलब है कि रामविलास पासवान ने पिछले साल ही अपने बेटे चिराग पासवान ( Chirag paswan bihar ) को पार्टी की कमान सौंपी थी।