
Bihar politics: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जहां एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करने में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद बिहार के सियासी गलियारों में फिर से हलचल मच गई।
बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन से नाता तोड़ चुके जीतन राम मांझी की 'काट' खोजने के प्रयास में जनता दल यूनाइटेड जुट गई है। जदयू ने शुक्रवार को महादलित समाज से आने वाले रत्नेश सदा को हम के संतोष सुमन को जहां मंत्रिमंडल में शामिल करा दिया, वही माउंटेन मैन दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी और दामाद मिथुन माझी ने जदयू की सदस्यता ले ली है। बिहार के गया के रहने वाले स्वर्गीय दशरथ मांझी पहाड़ काट कर सड़क बनाने के रूप में चर्चित रहे हैं।
जदयू के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक समारोह में उनके पुत्र भागीरथ मांझी और दामाद मिथुन मांझी ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, पूर्व अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने इन्हे जदयू की सदस्यता ग्रहण कारवाई।
माना जा रहा है कि जदयू को आशंका थी कि मांझी के जाने से मुसहर समाज जदयू से अलग हो जाएगा। मांझी पहले भी शराबबंदी को लेकर मुसहरों को जेल भेजने को लेकर सरकार को घेरते रहे हैं। ऐसे में जदयू ने रत्नेश सदा को मंत्री पद की शपथ दिलाकर, दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी और दामाद मिथुन माझी को पार्टी में शामिल करके मांझी के जाने के बाद होने वाली क्षति की पूर्ति करने की कोशिश की है।
जीतन राम मांझी अब नीतीश के इस चाल का कैसे जवाब देते हैं यह देखने वाली बात होगी। लेकिन, इतना तो कहा ही जा सकता है कि दशरथ मांझी के दोनों परिवार राजनीति में नए हैं, जबकि जीतन राम मांझी राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी हैं।
Published on:
17 Jun 2023 10:27 am

बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
