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गृहमंत्री से मुलाकात के बाद नागा नेताओं का दावा- ईसाइयों और आदिवासियों को UCC से बाहर रखेगी सरकार!

Uniform Civil Code : समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में 12 सदस्यीय नागा प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

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Uniform Civil Code : देश में इस समय UCC के मुद्दे पर बहस के बीच नागा नेताओं ने बड़ा दावा किया हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में उन्होंने (अमित शाह) ने उन्हें आश्वासन दिया है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड से नागालैंड में ईसाइयों और आदिवासियों को बाहर रखा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने नागालैंड में लागू धारा 371 (ए) को लेकर भी चर्चा की।


केंद्रीय गृहमंत्री से मिले नागा नेता

पिछले बुधवार को नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में 12 सदस्यीय नागा प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने UCC को लेकर अपनी चिंताओं से शाह को रूबरू कराया। इस पर गृहमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि विधि आयोग प्रस्तावित UCC से ईसाई समुदाय और कुछ आदिवासियों को बाहर रखने का विचार कर रही है। इसके साथ ही भारत-नागा शांति वार्ता में प्रगति की कमी सहित राज्य की विभिन्न चिंताओं के बारे में भी बात की गई।


नागालैंड पर केंद्र के कानून लागू नहीं होते

नागालैंड सरकार के प्रवक्ता केजी केन्ये ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने गृह मंत्री को अनुच्छेद 371 (ए) से अवगत कराया, जो नागालैंड पर लागू है और जुलाई 1960 में नागा जनजातियों और भारत सरकार के बीच हस्ताक्षरित 16 सूत्री समझौते पर आधारित है।

इस समझौते के अनुसार हम अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रथाओं में जिस स्वतंत्रता का प्रयोग करते हैं। कुछ मामलों को छोड़कर उसे संसद द्वारा पारित किसी भी केंद्रीय कानून द्वारा बाधित नहीं किया जा सकता है। केवल अगर ऐसा कानून राज्य विधानसभा द्वारा एक प्रस्ताव के रूप में पारित किया जाता है, तो यह नागालैंड राज्य पर लागू हो सकता है।


UCC को लेकर नागालैंड के लोग परेशान

सरकार के प्रवक्ता केन्ये ने कहा कि लॉ कमीशन की तरफ से जारी अधिसूचना के बाद से नागालैंड के लोग बहुत परेशान है। अगर यूसीसी को नागालैंड तक बढ़ाया जाता है, तो यह अनुच्छेद 371 (ए) की वैधता पर सवाल उठाता है, जो मुख्य भूमि भारत और नागा लोगों के बीच एकमात्र पुल है।

उन्होंने बताया कि अतीत में, अनुच्छेद के प्रावधानों का अक्षरशः पालन नहीं किया गया है, विशेष रूप से राज्य में भूमि और संसाधनों के उपयोग के संदर्भ में, जिसका उपयोग केवल नागा लोगों द्वारा किया जा सकता है।

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गृहमंत्री के आश्वासन के बाद खुश दिखे नागा नेता

मीडिया रिपोर्ट्स में छपी खबरों के मुताबिक गृह मंत्री से मुलाकात और आश्वासन के बाद नागा नेता खुश दिखे। सरकार के प्रवक्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें गृहमंत्री की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि ईसाइयों और कुछ आदिवासी समुदायों को (नागालैंड में) यूसीसी के दायरे से बाहर करने पर कानून आयोग विचार कर रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने साल 1960 के 16-सूत्रीय समझौता को लेकर भी हमें आश्वस्त किया। जिसके आधार पर दिसंबर 1963 में नागालैंड को एक राज्य का दर्जा दिया गया था, नागा प्रथागत कानूनों, सामाजिक-धार्मिक प्रथाओं, साथ ही भूमि और संसाधनों की रक्षा करता है।

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