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बिहार चुनावों में यादवों का बोलबाला, हर चौथा विधायक इसी जाति से

243 विधानसभा में 61 यादव विधायक होंगे और इनमें से 42 लालू की पार्टी राजद से है। भाजपा ने 23 यादवों को टिकट दिया, इनमें से छह ही जीते।

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Shakti Singh

Nov 10, 2015

lalu yadav

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पटना। बिहार विधानसभा में जीते उम्मीदवारों में यादव जाति का बोलबाला है। प्रत्येक चार में से एक एक विजयी प्रत्याशी यादव है। महागठबंधन की जीत में लालू यादव की बड़ी भूमिका है और यादव उनका वोट बैंक है। एक रिपोर्ट के अनुसार 243 विधानसभा में 61 यादव विधायक होंगे और इनमें से 42 लालू की पार्टी राजद से है। भाजपा ने 23 यादवों को टिकट दिया था और इनमें से छह ही जीते।

राजद के बाद फिर जेडीयू के 11, भाजपा के छह और कांग्रेस के दो विधायक हैं। यादवों के बाद अनुसूचित जाति से 38 विधायक हैं और इनमें से 13 राजद, 10 जेडीयू, 9 एनडीए और सीपीआई से है। 24 विधायकों के साथ मुस्लिम तीसरे पायदान पर हैं और इनमें सबसे ज्यादा 12 राजद से और 6 कांग्रेस से हैं। रोचक बात है कि एनडीए ने 10 उम्मीदवार खड़े किए थे लेकिन इनमें से एक भी नहीं जीत पाया। इसके तहत भाजपा ने दो, हम ने 4, लोजपा ने 3 और रालोसपा ने एक प्रत्याशी खड़ा किया था।

बिहार विधानसभा में इस बार 19 राजपूत, 19 कोइरी, 17 भूमिहार, 16 कुर्मी, 16 वैश्य और तीन कायस्थ भी है। राजपूत विधायकों की बात करें तो भाजपा ने सबसे ज्यादा आठ, फिर जेडीयू ने छह उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं कोइरी समुदाय से जेडीयू के सबसे ज्यादा 11 प्रत्याशी विधानसभा पहुंचे। इसके बाद राजद के चार, भाजपा के तीन और रालोसपा का एक विधायक है। कांग्रेस के 27 विधायकों में से छह मुस्लिम, 4 एससी, 4 ब्राह्मण, 4 भूमिहार, 3 राजपूत, 2 यादव, 1 कुर्मी, 1 कायस्थ और 1 एससी है।

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