उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ से भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता की पिटाई करने के मामले में हाईकोर्ट ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता की पिटाई मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान उठाते हुए कमेन्ट किया।
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
प्रतापगढ़. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से भाजपा सांसद की पिटाई मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने इस मामले पर तत्काल रोक लगाते हुए पुलिस के खिलाफ धारा 307 लगाने पर गंभीर टिप्पड़ी कर दी है। इससे कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और विधानमंडल दल मोना मिश्रा समर्थकों में काफी सहूलियत के तौर पर देखा जा रहा है। जिससे दिवाली पर उन्हे काफी राहत मिल रही है।
हाईकोर्ट ने पूछा कि 'किस आधार पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर धारा में इतने लोगों पर केस दर्ज किया?' घटना के दौरान वीवीआईपी कार्यक्रम होने की सूचना पर भी पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवालिया संदिग्ध दिखी। इस पर भी हाईकोर्ट ने पुलिस और प्रशासन को फटकार लगाई।
"हाईकोर्ट ने कहा कि सही तथ्यों और पुख्ता सबूत के आधार पर ही गिरफ्तारी होनी चाहिए। जबकि इस मामले में पुलिस की जल्दबाज़ी दिखाई दे रही है।"
दीपावली के पहले कांग्रेसियों को सियासी राहत मिलने से इस बार खुशी दोगुनी हो गई है। कांग्रेसी समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ने के बाद से ही कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर खुशियाँ मनाई।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्र समेत दर्जनों कांग्रेसी पर जानलेने की कोशिश मामले में एफ़आईआर दर्ज हुई थी।
25 सितंबर को प्रतापगढ़ के संगीपुर ब्लॉक में मेले के दौरान कांग्रेस और भाजपा समर्थकों में कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद सांसद संगम लाल गुप्ता ने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और उनके समर्थकों पर उनकी पिटाई करने का आरोप लगाया था।