5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मासूम के दो भागों में बटे सिर का हुआ सफल आॅपेरशन, वर्ल्ड रिकाॅर्ड का दावा करेंगे डाॅक्टर

दुनिया का तीसरा व भारत का पहला ऐसा ऑपरेशन, डॉक्टर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड व लिम्का बुक आॅफ रिकाॅर्ड के पेश करेंगे दावा

3 min read
Google source verification
Dr Prakash Khetan

मासूम के दो भागों में बटे सिर का हुआ सफल आॅपेरशन, वर्ल्ड रिकाॅर्ड का दावा करेंगे डाॅक्टर

इलाहाबाद. जिले के डाॅक्टरों को एक जन्मजात शारीरिक विकृत बच्चे का बेहद क्रिटिकल आॅपरेशन करने में सफलता मिली है। दरअसल बच्चे का सिर बचपन से ही दो भागों में बटा हुआ था, जो समय के साथ बच्चे के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा था। इसमें बच्चे के सिर में ब्रेन को अलग करना सबसे मुश्किल काम था। आॅपरेशन करने वाले डाॅक्टर प्रकाश खेतान के अनुसार ऐसा केस पूरे विश्व में सिर्फ तीन बार ही सामने आया है और भारत में ऐसा पहली बार हुआ है। जिसका सफल आॅपरेशन किया गया। बच्चे के सिर का सफल आॅपरेशन कर वाले डाॅ. प्रकाश खेतान अब विश्व कीर्तिमान बनाने का दावा कर रहे हैं।

बता दें की केवल छह माह के बच्चे के सिर का भाग बचपन से ही दो हिस्सों में बटा था और उसकी उम्र के साथ उसका आकार भी बढ़ रहा था। इसके कारण बच्चे का मानसिक विकास सामान्य से कम हो रहा था। डॉ. प्रकाश खेतान ने बाताया की इस बीमारी के कारण बच्चे की तमाम दिक्कतें लगातार बढती जा रही थी। बताया की सामान्य बच्चे का मानसिक विकास अधिकतम एक वर्ष की उम्र तक होता है, जो बहुत तेजी से होता है। उसके बाद सामान्य तरीके से बच्चों का विकास होता है। उन्होंने बाताया की जब बच्चे के दिमाग का सिटी स्कैन कराया गया तो सर के ऊपरी हिस्से की हड्डी बचपन से ही नहीं बनी थी और उसका सिर अत्यधिक बड़े आकार का दिख रहा था। जन्मजात विकृति होने के कारण लगातार दिमाग की नसों पर उसका दबाव बन रहा था। जिसके कारण भविष्य में दिमाग का विकास नहीं हो सकता था, जिसका असर बच्चे को आजीवन झेलना पड़ता।

डॉ. खेतान ने बताया की बच्चे का सिर विकृति अवस्था में था। इस बीमारी को मेडिकल की भाषा में मेनिनजोइनकिकैलोसिल कहते है। इस बीमारी में इंसान का सिर दो भागों में बटा होता है और इसका वजन उनकी शारीरिक क्षमता में कही ज्यादा होता जाता है। इलाहाबाद के यमुनापार क्षेत्र के जसरा इलाके बेहद गरीब परिवार के इस बच्चे को यह दुर्लभ बिमारी हुई है। परिवार की आर्थिक हालात इतनी अच्छी नहीं कि कहीं बड़े अस्पताल में इसका इलाज करा सके। बच्चे का ब्रेन दो भागों में बटा हुआ था। आॅपरेशन करना बहुत ही कठिन था। चार घंटे के आॅपरेशन के बाद डॉक्टर और उनकी टीम इस बात से संतुष्ट हुई की बच्चे को आॅपरेशन के बाद सही सलामत बचा लिया गया। इस आॅपरेशन में सबसे ज्यादा मुश्किल ब्रेन को सेप्रेड करना होता है।

दुनिया में मात्र तीन केस आये सामने

डॉ खेतान का दावा है की इंटरनेट पर जो भी इस बिमारी के बारे में डिटेल है। उससे यह पता चला की अब तक दुनिया में इस तरह के मात्र तीन केस ही सामने आये है। हांलाकि वह दुनिया के किस देश के है इसके बारे में नहीं बता सके। उनका यह भी दावा है की इस तरह के आॅपरेशन का भारत में यह पहला मामला हो सकता है, क्योंकि उन्होंने ऐसे किसी आॅपरेशन के बारे में नहीं सुना है। छह महीने के बच्चे का आॅपरेशन करने के बाद डॉ. खेतान की टीम के साथ उसके परिजन भी बहुत खुश है। सफल आॅपरेशन के बाद बच्चे के परिजन ने डाॅ. खेतान व उनकी टीम के प्रति आभार जताया।

गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड व लिम्का बुक आॅफ रिकाॅर्ड के लिए करेंगे दावा

डॉ. खेतान ने बताया की वह इस ओपरेशन के डिटेल गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड व लिम्का बुक आॅफ रिकाॅर्ड के लिये भेजने जा रहे है। डॉ. खेतान ने बातया की ब्रेन के दो हिस्सों को अलग कर दिया गया है। तीन महीने बाद इसका एक बार और आॅपरेशन किया जायेगा, जिसमे बच्चे के सिर को नाॅर्मल सेप दिया जायेगा। बच्चे का ओपरेशन डॉ खेतान के नैनी स्थित निजी अस्पताल में किया गया। इस आॅपरेशन में न्यूरो सर्जन डॉ. प्रकाश खेतान की टीम में डॉ. सुषमा खेतान, डॉ. योगेन्द्र बघेल, डॉ. सुनील कन्नौजिया, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. गोविन्द प्रसाद, डॉ. आरडी सोनकर व डॉ. ज्योत्सना अग्रवाल शामिल रहीं।

गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में दर्ज करा चुके हैं नाम

बच्चे का आॅपरेशन करेन वाले डाॅ. प्रकाश खेतान मशहूर न्यूरो सर्जन हैं। डाॅ. खेतान इसके पहले वर्ष 2011 में एक मरीज के सिर से 296 सिस्ट आठ घंटे के आॅपरेशन के बाद निकालकर अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया है। अब यह दूसरा ऑपरेशन है जिसको डॉक्टर खेतान ने सफलतापूर्वक किया है। अब विश्व रिकोर्ड बनाने का दावा पेश करने जा रहे हैं।

by Prasoon Pandey