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इलाहाबाद में हुई यूपी की सबसे बड़ी इक्का दौड़, महोबा का घोड़ा बना सुल्तान

सावन के हर सोमवार को इलाहाबाद में होती है यूपी की सबसे बड़ी इक्का दौड़। वर्षों पुरानी है परंपरा।

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Mohd Rafatuddin Faridi

Jul 17, 2017

Allahabad Chariot Race

Allahabad Chariot Race

इलाहाबाद. सावन के दूसरे सोमवार को संगम नगरी इलाहाबाद में जबरदस्त गहरेबाजी देखने को मिली। गहरेबाजी में महेवा के घोड़ा सुल्तान, तूफान, भूकम्प सहित अन्य पर भारी नजर आया। गहरे बाजी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए।




इलाहाबाद में सावन माह के प्रत्येक सोमवार को ष्गहरेबाजीष् यानि ष्इक्का दौड़ष् की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। सावन के दूसरे सोमवार को भी केपी इंटर कॉलेज के सामने शानदार गहरेबाजी हुई। गहरेबाजी में कन्हैया, सुल्तान, भूकम्प, विष्णु महाराज सहित दर्जनभर घोड़ों ने अपना जलवा बिखेरा।




इसमें महेवा निवासी बबलू के घोड़े की रफ्तार देख लोगों के होश उड़ गए। इस घोड़े के आगे तूफान, भूकम्प, सुल्तान की रफ्तार फीकी पड़ गयी। गहरेबाजी के दौरान लोग घोड़ों का जबरदस्त उत्साह बढ़ाते नजर आए। हालांकि परम्परागत इसमें हार जीत का फैसला नहीं किया गया।



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प्रयाग गहरेबाजी संघ के अध्यक्ष बद्रे आलम ने बताया कि दरअसल इस गहरेबाजी में घोड़ों के तेज या धीमे दौड़ने को जीत-हार का पैमाना नहीं माना जाता बल्कि घोड़ों की लयबद्ध व अनुशासित चाल और इसकी टाप से निकलने वाली संगीतमय टाप को ही बेहतर प्रदर्शन का आधार माना जाता है। उन्होंने बताया कि यह परंपरा काफी पुरानी है। पहले ये सावन में पंडों की ओर से की जाती थी।




समय के साथ इसमें काफी बदलाव हुए। आज यह गंगा जमुनी की तहजीब की मिसाल पेश कर रहा है। अब हिन्दू मुस्लिम सहित अन्य धर्म के लोग भी बढ़ी शानोशौकत से गहरेबाजी करते हैं। जिसे देखने के लिए इलाहाबाद ही नहीं बल्कि आसपास के जिले के लोग भी पहुँचते हैं। इसमें दौड़ने वाले घोड़े सालभर दौड़ के लिए तैयार किये जाते है और केवल सावन में ही दौड़ाए जाते हैं।

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