
Rail Budget
सरकार ने यात्री सुरक्षा को विशेष महत्व देते हुए एक लाख करोड़ रुपये के रेल संरक्षा कोष बनाने तथा रेलवे को एक समग्र परिवहन नीति के तहत विकसित करने का फैसला किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज पहली बार आम बजट में रेलवे के बजटीय प्रावधानों को पेश करते यहां लोकसभा में ये घोषणा की। उन्होंने कहा कि रेलवे वर्ष 2017-18 में सकल पूंजीगत निवेश एक लाख 31 हजार करोड़ रुपये को होगा जिसमें करीब 55 हजार करोड़ रुपये सरकार देगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016-17 में यह राशि एक लाख 21 हजार करोड़ रुपये की थी।
वित्त मंत्री ने रेलवे के विकास के चार बिन्दु गिनाए जिसमें यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और पांच साल के लिए एक लाख करोड़ रुपये के रेल संरक्षा कोष के गठन का ऐलान किया। उन्होंने 2020 तक सभी लेवल क्रासिंग को हटा लेने, गाड़ियों के सभी कोचों में 2019 तक बायोटॉयलेट लगाने की भी घोषणा की।
उन्होंने रेलवे डिजीटल लेनदेन को बढ़ाने के लिये सभी प्रकार के टिकटों की एकीकृत टिकटिंग प्रणाली लार्इ जाएगी और ई-टिकट खरीदने पर लगने वाला सेवा प्रभार हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को शेयर बाजार में उतारा जाएगा।
स्वच्छता को प्राथमिकता बताते हुए जेटली ने गाड़ियों में एसएमएस के जरिए क्लीन माई कोच सुविधा का विस्तार करके कोच मित्र सुविधा शुरू करने का भी एलान किया। उन्होंने बताया कि ये कोच मित्र कोच से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का समाधान करेंगे। रेलवे के मालवहन कारोबार में विस्तार की योजना का विस्तार करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे सड़क ट्रांसपोर्टरों के साथ साझेदारी से कुछ मदों में ग्राहके दरवाजे से माल उठा कर वांछित स्थान तक पहुंचाएगी। उन्होंने कृषि एवं खाद्य पदार्थों तथा डेयरी उत्पादों के परिवहन के लिए विशेष इंतजाम की भी बात कही।
जेटली ने कहा कि रेलवे को सड़क, अंतर्देशीय जलमार्ग एवं समुद्री परिवहन के साथ एक समग्र परिवहन नीति की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। उन्होंने सड़क एवं जलमार्गों के बजटीय प्रावधानों की भी जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2017-18 में इस क्षेत्र के लिए बजट दो लाख 41 हजार 387 करोड़ रुपये का होगा।
पढ़िए रेलवे को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में की ये बड़ी घोषणाएंः-
- 2020 तक मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग खत्म होंगे।
- 7 हजार स्टेशन सौर ऊर्जा से जुड़ेंगे।
- रेल सेफ्टी के लिए 1 लाख करोड़, पांच साल के लिए ये फंड बनाया जाएगा।
- विकास, स्वच्छता आैर सुरक्षा पर रहेगा जोर।
- विकास के लिए 25 स्टेशनों का होगा चयन।
- आर्इआरसीटीसी से टिकट बुक करने पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा।
- 3500 किमी लम्बी नर्इ रेल लाइनें बिछार्इ जाएंगी
-2019 तक सभी ट्रेनों में बायो टॉयलेट्स होंगे।
-रेलवे स्टेशनों को दिव्यांगों के लिए आसान बनाया जाएगा।
Published on:
01 Feb 2017 12:41 pm
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