
भगवान श्री अय्यप्पा मंदिर
रायपुर. मकर संक्रांति पर्व बुधवार को उल्लास और भक्ति के साथ मनेगा। सुबह से लोग धार्मिक स्थल महादेवघाट में पुण्य स्नान करने पहुंचेंगे। तिल लड्डू और कम्बल का दान करेंगे। वहीं केरला समाज टाटीबंध स्थित भगवान श्री अय्यप्पा के मंदिर में पूजा आराधना कर मंदिर की पवित्र १८ सीढि़यों पर एक लाख २५ हजार दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करेगा। मकर संक्रांति के लिए मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
सूर्य का सुबह साढ़े बजे से मकर राशि में प्रवेश होगा। इसके साथ ही उत्सव शुरू होगा। मंगलवार को महादेवघाट के आसपास पसरी गंदगी की सफाई थोड़ा-बहुत कराई गई। पंडितों के अनुसार इस पर्व पर पुण्य स्नान और दान का ही विशेष महत्व है। राजधानी से अनेक लोग महादेवघाट के साथ ही राजीव लोचन मंदिर के दर्शन करने तथा महानदी के त्रिवेणी संगम में स्नान करने जाते हैं। घर-घर तिल, अन्न का दान करेंगे। मंदिरों में दर्शन करने पहुंचेंगे।
शाम होते ही सजेगी दीपमाला
शाम ५ से ७ बजे के बीच दीप अलंकार (लक्षदीप समारोह), निर्माला आरती होगी। भगवान स्वामी अय्यप्पा ज्योतिस्वरूप के रूप में भी जाने जाते हैं। यही कारण है कि इस वर्ष से दीप अलंकार को भगवान अय्यप्पा के चरणकमलों में समर्पण स्वरूप लक्षदीप के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। रात ८ बजे से भजन संध्या कोट्टायम श्रीकुमार एवं पार्टी द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।
प्रभातफेरी से शुरू होगा पूजन
श्री अय्यप्पा सेवा संघम के अध्यक्ष श्री विनोद पिल्लई ने बताया कि नववर्ष में ग्रहों की विपरीत दशाओं के कारण संभावित दोषों से मुक्ति हेतु शनिदेव भगवान श्री अय्यप्पा मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर की पवित्र 18 सीढिय़ों के खुलने के साथ देर रात्रि तक भजन गंगा होगी। भोर 4.30 बजे प्रभातफेरी तथा निर्माल्य दर्शन के साथ ही भगवान अय्यप्पा का अभिषेक किया किया जाएगा। अष्टद्रव्य गणपति होम एवं ऊषा पूजन, भागवत पारायणम् सम्पन्न होगी। 8.30 बजे पल्लीकेट्टू सहित पवित्र 18 सीढिय़ों का आरोहण किया जाएगा। लोग अपनी मन्नतें पूरी करने के लिए सीढि़यां चढ़ेंगे।
Published on:
15 Jan 2020 01:20 am

बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
