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11 माह में 1 हजार 53 चोरियां, 59 हत्या और 247 धोखाधड़ी

- जिले में नशे के कारोबार ने बढ़ाई अपराधिक घटनाएं। - आय दिन चाकूबाजी, चोरी और लूट की घटनाओं से जिलेवासी हलाकान।

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Alwar Crime News: एक क्लिक में पढ़ें अलवर के अपराध और पुलिस से जुड़ी मुख्य खबरें

Alwar Crime News: एक क्लिक में पढ़ें अलवर के अपराध और पुलिस से जुड़ी मुख्य खबरें

रायपुर। राजधानी में बीते 11 माह 15 दिन में शहर में चोरी, चाकूबाजी, लूट और धोखाधड़ी की घटनाएं हुईं है। अपराधियों का खौफ इस कदर है, कि पॉश कॉलोनियों की महिलाओं ने देर शाम घर से बाहर निकला बंद कर दिया है। अपराधी दिन हो या रात, कभी भी वारदात को अंजाम देकर फरार हो रहे है, और पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कहते हुए केस की विवेचना करती रहती है।

जानकारों का कहना है कि शहर में बढ़ती वारदातों का कारण नशे के कारोबार है। जितनी भी बढ़ी वारदात शहर में घटी और जब आरोपी पकड़ में आए तो नशे में वारदात होने की बात सामने आई है। जानकारों की मानें तो शहर में नशे की खपत इस कदर बढ़ी है, कि अब वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई है। गिरोह बनाकर वारदात को अंजाम देने वाले आदतन अपराधियों एक दूसरे गिरोह के सदस्यों पर हमला करके सोशल मीडिया में वीडियो शेयर कर कर रहे है और शहरवासियों के अंदर खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहे है।

सबसे ज्यादा अपराध इन इलाकों में
विभागीय आंकड़ों की मानें तो गंभीर अपराध की सबसे ज्यादा वारदात राजधानी के टिकरापारा, कोतवाली, मौदहापारा, पुरानी बस्ती, खमतराई, आमानाका, कबीर नगर, आजाद चौक, उरला और विधानसभा इलाके में अपराध की घटनाएं सामने आई है। सबसे कम वारदात जिस थानाक्षेत्र में हुई उसमें देवेंद्र नगर, मोवा, सरस्वती नगर, मुजगहन, माना और तेलीबांधा थानाक्षेत्र का इलाका शामिल है।

साइबर अपराध चुनौती
हाईटेक अपराधी रायपुर पुलिस को रोजाना परेशानी बढ़ा रहे है। साइबर अपराध रायपुर पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। साइबर ठगी की वारदात जिले में कम हो इसलिए पुलिस अधिकारियों ने लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ, एटीएम बूथ के बाहर चस्पा अभियान भी चलाया है। पुलिस की सब मशक्कत के बावजूद लालच के फेर में पड़कर राजधानीवासी रोजाना ठगी के शिकार हो रहे है। रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने साइबर ठगों से कई पीड़ितों का पैसा वापस करवाया, लेकिन कई पीड़ित अब भी अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं।

फैक्ट फाइल

चोरी- 1053

अपहरण- 235
बलात्कार- 232

धोखाधड़ी- 247
हत्या- 59

हत्या का प्रयास-88
बलवा- 74

धारदार हथियार से हमला-214
आम्र्स एक्ट- 346

एनडीपीएस-105
लूट- 52

डकैती- 06

अपराधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। घटनाएं हुई है, लेकिन अपराधियों को भी कम समय पर पकड़ा गया है। पुलिसिंग के पैटर्न पर भी बदलाव किया गया है। अपराधियों पर सख्ती करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
- लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायपुर।