
GST raid: 6030 करोड़ की बोगस बिलिंग का पर्दाफाश, 15 गिरफ्तार
रायपुर. वस्तु एवं सेवा कर (राज्य जीएसटी) में अप्रैल से लेकर अब तक 10 हजार जीएसटी नंबर रद्द होने के बाद भी मासिक रिटर्न की खराब स्थिति है। 6 महीने से अधिक समय तक रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले रजिस्टर्ड कारोबारियों का पंजीयन विभाग ने रद्द कर दिया था, जिसके बाद कारोबारियों ने पुन: आवेदन किया। इसके बाद भी जीएसटीआर-3बी में उम्मीदों के अनुरूप रिटर्न प्राप्त नहीं हो रहा है। वर्तमान में 62 फीसदी मासिक रिटर्न का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है। लक्ष्य में कटौती करने के बाद भी स्थिति चिंताजनक है।
इधर विभाग ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में रिटर्न की संख्या बढ़ाने के लिए अल्टीमेटम दे दिया है। अधिकारियों को एक-एक डीलर को फोन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीते महीने रिटर्न की स्थिति 55 फीसदी पर खत्म हो गई। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल राजस्व संग्रहण का लक्ष्य 16 हजार करोड़ से अधिक रखा है। ऐसी स्थिति के बाद विभाग की ओर से नोटिस का दौर शुरू हो चुका है, वहीं जीएसटीएन नंबर रद्द करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
सभी जिलों में खराब स्थिति
अधिकारियों के मुताबिक रिटर्न की खराब स्थिति सभी जिलों में हैं। इसमें बस्तर, जशपुर, अंबिकापुर सबसे निचले पायदान पर हैं, वहीं अन्य जिलों की बात करें तो यहां भी रिटर्न 60 फीसदी से आगे नहीं बढ़ पाया है। स्टील, ऑटोमोबाइल्स, सीमेंट, स्पंज आयरन के साथ मध्यम एवं लघु उद्योगों से भी उम्मीदों के मुताबिक रिटर्न प्राप्त नहीं हो रहा है।
दो साल का वार्षिक रिटर्न भी पेंडिंग
राज्य जीएसटी में मासिक रिटर्न की खराब स्थिति के बाद हर साल दाखिल किए जाने वाले वार्षिक रिटर्न की भी बुरी स्थिति हैं। जानकारी के मुताबिक विभाग में वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के वार्षिक रिटर्न में 30 से 40 फीसदी व्यापारी शामिल नहीं हो पाए हैं, जिसकी वजह से भी विभाग पर राजस्व घाटे का भार बढ़ता जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि दिवाली में महीनों की मंदी टूटी है। विभाग की नजर नवंबर महीने में आने वाले रिटर्न पर हैं।
राज्य जीएसटी एडिशनर कमिश्रर (राजस्व), केआर झारिया ने बताया कि जीएसटीआर-3बी रिटर्न के लिए विभागीय बैठक में अधिकारियों को रिटर्न की संख्या बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह स्थिति आने वाले महीनों में सुधर जाएगी।
छग सेल टैक्स बार काउंसिल के महासचिव, महेश शर्मा ने कहा कि सेल टैक्स बार काउंसिल ने विभाग की बैठक में कहा है कि विभाग को रिटर्न फाइल करने में सक्रियता दिखानी चाहिए। अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ की स्थिति जीएसटी रिटर्न में बेहतर नहीं है।
Published on:
03 Nov 2019 01:30 pm
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