
रायपुर . एक अप्रैल से इ-वे बिल लागू होने के बाद राज्य के बाहर से खरीदी-बिक्री करने वाले व्यवसायी और डीलर्स को पहले दिन बड़ी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। राजधानी सहित अन्य जिलों में इ-वे बिल की जांच-पड़ताल के लिए अधिकारी नहीं निकले।
अवकाश का दिन होने की वजह से चिन्हित प्वाइंट पर केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क, वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी नदारद रहे। वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जगदलपुर में इमली का परिवहन करती गाड़ी से 78 हजार रुपए जुर्माना लिया गया है। जांच-पड़ताल के दौरान गाड़ी से इ-वे बिल नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से सभी चिन्हित स्थानों पर अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। रविवार को बाजार बंद होने की वजह से भी खरीदी-बिक्री काफी कम हुई।
नहीं मिली शिकायत: चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने बताया कि इ-वे बिल के मामले में पहले दिन किसी तरह की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इससे पहले 1 फरवरी को इ-बिल ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी खराबी और सर्वर के ठप होने की वजह से कारोबारियों को बिल नहीं मिल पाया था।
इ-वे बिल मामले में एक बड़ी समस्या नेटवर्क को लेकर आ रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि कई ऐसे इलाके हैं, जहां दूरसंचार समस्याओं की वजह से नेटवर्क नहीं मिल पाता, वहीं इसकी वजह से इ-वे बिल प्राप्त करना चुनौती साबित हो रहा है। ट्रांसपोर्ट चैंबर के पदाधिकारी हरचरण सिंह साहनी ने बताया दूरदराज के क्षेत्रों में इ-वे बिल प्राप्त करने को लेकर समस्याएं आ रही है। खासकर अर्धशहरी और ग्रामीण इलाके जहां उत्पादन तो है, लेकिन नेटवर्क नहीं होने की वजह से बिल प्राप्त नहीं हो रहा है।
Published on:
02 Apr 2018 09:35 am
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